MP Lok Sabha Chunav 2024: मध्य प्रदेश लोकसभा चुनाव में 1996 से इकतरफा जीतती रही है बीजेपी, 2009 को छोड़ कभी टक्कर भी नहीं दे पाई कांग्रेस – Jansatta

Spread the love

मध्य प्रदेश में 1996 से ही बीजेपी हर लोकसभा चुनाव में बड़ी जीत हासिल करती रही है। अगर सिर्फ साल 2009 के चुनाव नतीजे को छोड़ दें तो कांग्रेस यहां कभी भी बीजेपी को टक्कर देने की स्थिति में नहीं दिखाई दी है।
2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में तो बीजेपी का प्रदर्शन मध्य प्रदेश में बहुत अच्छा रहा था क्योंकि उसने 29 सीटों वाले इस प्रदेश में तब क्रमशः 27 और 28 सीटों पर जीत हासिल की थी। 2014 में गुना और छिंदवाड़ा ही ऐसी सीट थी जहां पर कांग्रेस बीजेपी को हरा सकी थी जबकि 2019 में कांग्रेस को सिर्फ छिंदवाड़ा सीट पर जीत मिली थी।
2014 में गुना से ज्योतिरादित्य सिंधिया और छिंदवाड़ा से मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ चुनाव जीते थे। लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में गुना सीट पर ज्योतिरादित्य सिंधिया को हार मिली थी जबकि छिंदवाड़ा की सीट कांग्रेस के कब्जे में ही रही थी।ज्योतिरादित्य सिंधिया अब बीजेपी के साथ हैं इसलिए 2024 के लोकसभा चुनाव में वह गुना सीट से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं।
अविभाजित मध्य प्रदेश में लोकसभा की 40 सीटें थी लेकिन 2000 में छत्तीसगढ़ के अलग प्रदेश बनने के बाद यहां पर अब लोकसभा की 29 सीटें हैं।
आंकड़ों पर नजर डालने से पता चलता है कि बीजेपी को मध्य प्रदेश में कई सीटों पर बड़े अंतर से जीत मिलती रही है। मध्य प्रदेश में साल 2004 से 2019 तक हुए लोकसभा चुनाव में कुल सीटों को मिलाकर देखें तो 116 लोकसभा सीटों में से 77 लोकसभा सीटें ऐसी हैं, जहां पर जीत का अंतर 10% या इससे ज्यादा रहा है। इन 77 सीटों में से 71 सीटों पर बीजेपी जीती है जबकि कांग्रेस के खाते में ऐसी सिर्फ 6 सीटें ही आई हैं।
पिछले चार चुनावों में लोकसभा की कुल ऐसी 20 सीटें हैं, जहां पर जीत का अंतर 5 से 10% रहा है। इन 20 सीटों में से 15 पर बीजेपी को जीत मिली थी जबकि पांच पर कांग्रेस को। 2 से 5% के अंतर वाली सीटों की संख्या कुल 12 है, इनमें से 6 सीटों पर कांग्रेस को जीत मिली जबकि 6 सीटें बीजेपी के खाते में गईं।
इसी तरह पिछले चार लोकसभा चुनाव में कुल 6 लोकसभा सीटें ऐसी रही जिन पर जीत और हार का अंतर 2% से कम रहा। इनमें से चार सीटें बीजेपी ने जीती जबकि दो सीटों पर कांग्रेस को जीत मिली।
मध्य प्रदेश में साल 1989 के बाद से कभी भी बीजेपी का वोट प्रतिशत 40% के नीचे नहीं गया है। 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में तो उसे क्रमशः 54 और 58% वोट मिले थे।
मध्य प्रदेश में दिसंबर 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी को प्रचंड जीत मिली थी। 230 सीटों वाली मध्य प्रदेश की विधानसभा में बीजेपी को 163 सीटों पर जीत मिली थी जबकि कांग्रेस सिर्फ 66 सीटों पर आकर रुक गई थी।
कांग्रेस का यह प्रदर्शन 2018 के विधानसभा चुनाव के मुकाबले बेहद खराब रहा था क्योंकि 2023 में उसे पिछले चुनाव के मुकाबले 48 सीटें कम मिली थी। बीजेपी की सीटों की संख्या में 54 सीटों की बढ़ोतरी हुई थी।
मध्य प्रदेश में साल 2003 से बीजेपी सिर्फ एक चुनाव 2018 को छोड़कर लगातार जीत हासिल करती रही है। लेकिन 2018 के चुनाव में जब कांग्रेस की सरकार बनी थी तो यह मुश्किल से 15 महीने का ही सफर तय कर पाई थी और उस वक्त कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया की बगावत की वजह से गिर गई थी।
पिछले महीने इंदौर लोकसभा सीट काफी चर्चा में रही थी क्योंकि यहां से कांग्रेस के प्रत्याशी अक्षय कांति बम ने अपना नाम वापस ले लिया था। इसे कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना गया था क्योंकि इंदौर मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी का गृह नगर भी है।

source

Previous post UP: यूपी के मंत्री बोले – मोदी राज में रोटी का मोहताज हो गया आतंक परोसने वाला पाकिस्तान – अमर उजाला
Next post 'Congress won't even win 50 seats': PM Modi ups Lok Sabha poll ante in Odisha – Business Today

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *