अयोध्या में बीजेपी के नेताओं ने राम मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी के विवाद से खुद को दूर रखने की कोशिश की है। स्थानीय भाजपा नेताओं ने इसे राम मंदिर और ट्रस्ट का मामला बताया है और कहा है कि इन संस्थाओं से बीजेपी का कोई नेता नहीं जुड़ा है।
इस मामले में सवाल पूछे जाने पर पार्टी के कार्यकर्ता और नेता जवाब देते हैं, “योगी जी ने कहा है, आप देखिएगा, कार्रवाई होगी और सारा सिस्टम दुरुस्त हो जाएगा।”
अयोध्या में बीजेपी के पूर्व जिला महासचिव मनोज वर्मा कहते हैं, “हमारे कोर वोटर जानते हैं कि जो लोग अपने वोट बैंक के डर की वजह से राम मंदिर जाने से बचते रहे हैं, वही इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं।” वर्मा कहते हैं कि उन्हें ऐसा नहीं लगता कि चुनाव में मंदिर कोई मुद्दा बनेगा, इस मामले में छानबीन होगी और योगी जी छोड़ने वाले नहीं हैं।
नेताओं को बोलने से किया है मना
यहां से थोड़ी दूरी पर सिविल लाइंस में बीजेपी का पुराना कार्यालय है। यहां मौजूद पार्टी के कई नेता बताते हैं कि उन्हें इस मामले पर आधिकारिक रूप से कुछ बोलने या सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से मना किया गया है। बीजेपी के एक नेता ने कहा, “यह हमारा मुद्दा नहीं है, राम मंदिर के अधिकारियों और ट्रस्ट को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या और कहां गलत हुआ है।” वह सवाल पूछते हैं कि क्या बीजेपी का कोई नेता इसमें शामिल है?
बीजेपी के नेता बताते हैं कि वह 1990 के दशक की शुरुआत से ही राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे हैं। उस दौरान कई गांवों से मंदिर निर्माण के लिए ईंटें इकट्ठा की गई और पूजा कार्यक्रम भी किए गए। वह यह भी दावा करते हैं कि जब बाबरी मस्जिद का विध्वंस हुआ, उस समय वह वहीं मौजूद थे।
राम का पैसा चुरा लिया…
बीजेपी के एक युवा नेता कहते हैं, “गांवों में, अगर आप किसी नशेड़ी को भी बता देंगे कि आप मंदिर के लिए पैसे ले जा रहे हैं, तो वह आपसे छीनने की हिम्मत नहीं करेगा। लेकिन इस मामले में उन्होंने राम का पैसा (भगवान राम का पैसा) चुरा लिया।” उन्होंने कहा कि कारवाई होने दीजिए, उसके बाद ही कुछ कहेंगे।
वह कहते हैं कि पार्टी के कार्यकर्ता आपसी बातचीत में इस मुद्दे पर किसी का बचाव नहीं करते क्योंकि उन्हें ऐसा डर है कि इसका उलटा असर हो सकता है। पार्टी के कार्यकर्ता इतना ही कहते हैं कि योगी जी मोदी जी ठीक कर देंगे।
‘किसी को बख्शा नहीं जाएगा’
अयोध्या में बीजेपी के महासचिव विपिन सिंह कहते हैं कि लोग इस प्रकरण से दुखी तो हैं लेकिन उनकी आस्था कम नहीं हुई है। बीजेपी के जिला अध्यक्ष राधेश्याम त्यागी कहते हैं कि इस मामले में एसआईटी बनाई गई और इसकी रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले लोगों को सजा मिलेगी। त्यागी कहते हैं कि किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
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अयोध्या में श्री राम मंदिर एक बार फिर सुर्खियों में है। हालांकि इस बार मामला भूमि विवाद या मंदिर निर्माण का नहीं बल्कि मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की चोरी और उससे जुड़ी जांच का है।
