लोकसभा चुनाव अपने अंतिम पड़ाव पर आ चुका है, सातवें चरण की वोटिंग होने जा रही है, 57 सीटों पर उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद होने वाली है। अब उस सातवें चरण की वोटिंग के बाद देश एग्जिट पोल भी देखने वाला है। एग्जिट पोल यानी कि नतीजे से पहले आने वाले रुझान जिनके जरिए की समझने की कोशिश होती है कि इस बार किसकी सरकार बनने वाली है, आखिर किसका राजतिलक होने जा रहा है।
अब वैसे तो एग्जिट पोल का उत्साह हर बार लोगों में देखने को मिल जाता है लेकिन समझने वाली बात यह है कि क्या यह एग्जिट पोल सही महीना में एक्सेप्ट होती भी है वह कितनी सटीक साबित होते हैं
अब इसी सवाल का जवाब खोजने के लिए हमने पिछले लोकसभा चुनाव के जो एग्जिट पोल थे, उनका विश्लेषण किया है। समझने की कोशिश की है कि एग्जिट पोल ने एनडीए और यूपीए को कितनी सीटें दी थीं। अब पिछले लोकसभा चुनाव के एग्जिट पोल से समझ आता है कि सभी पोल्स्टर यह समझने में तो कामयाब हो गए थे कि सरकार मोदी की बनने वाली है, लेकिन कितना बड़ा और कितना प्रचंड बहुमत उन्हें मिलने वाला है, यह अनुमान कई चैनल सही तरह से नहीं लगा पाए थे।
वैसे जब असल नतीजे आए तो एनडीए को 352 सीटें मिली थीं, वही यूपीए के खाते में 52 सीटें गई थीं। उस चुनाव में मोदी लहर ने पूरे विपक्ष को साफ कर दिया था।
2004 का एग्जिट पोल तो ऐसा रहा था कि उसने सभी को हैरान कर दिया। उस एग्जिट पोल में हर कोई जीत अटल बिहारी वाजपेयी की दिखा रहा था, कह रहा था एक बार फिर एनडीए की सरकार बनने जा रही है, लेकिन जब असल नतीजे आए तो शाइनिंग इंडिया की हवा निकल गई और यूपीए की सरकार सत्ता में आ गई।
LIVE Voting: लोकसभा चुनाव के 7वें (आखिरी) चरण में 7 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश की कुल 57 लोकसभा सीटों पर 1 जून को मतदान होगा। इस चरण में बिहार, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में वोटिंग है। इस चरण के मतदान के साथ ही 19 अप्रैल से शुरू हुए चुनाव के सभी चरणों का मतदान संपन्न हो जाएगा।
