राहुल गांधी ने स्वीकार किया पूर्व जजों का फेस-टू-फेस बहस वाला न्योता, बोले – मैं तैयार, मोदी नहीं मानेंगे – Jansatta

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Lok Sabha Chunav 2024: 2024 के लोकसभा चुनावों को लेकर हाल ही में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के पूर्व जजों ने पीएम मोदी और राहुल गांधी दोनों को, न्योता दिया था कि वे फेस-टू-फेस बहस करें। इसमें सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टि मदन लोकुर से लेकर एपी शाह शामिल थे। वहीं आज राहुल गांधी ने पूर्व जजों का यह न्योता स्वीकार कर लिया है। राहुल ने कहा कि वह पीएम मोदी से बहस करने के लिए तैयार हैं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री को मैं जानता हूं कि वह मुझसे डिबेट नहीं करेंगे। बता दें कि राहुल गांधी लखनऊ में संविधान सम्मेलन में बोल रहे थे। राहुल गांधी ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 100 प्रतिशत किसी भी मुद्दे पर डिबेट के लिए तैयार हूं। राहुल ने यह भी कहा कि अगर वह मुझसे बहस नहीं कर सकते तो पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी से भी बहस कर सकते हैं।
यूपी के लखनऊ में जब एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी से इस डिबेट वाले न्योते के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मैं 100% किसी से भी डिबेट करने को तैयार हूँ, प्रधानमंत्री से… मगर… मैं प्रधानमंत्री को जानता हूँ, प्रधानमंत्री मुझसे डिबेट नहीं करेंगे। राहुल ने कहा कि मैं नहीं तो हमारे पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी हैं, वो (पीएम मोदी) खड़गे से भी डिबेट कर सकते हैं।
राहुल गांधी ने अपने भाषण के दौरान भारतीय संविधान की एक प्रति अपने हाथ में रखी थी। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश में पिछड़े, दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यकों की संख्या 90% तक है लेकिन उनके लिए हर तरफ रास्ते बंद किया जा रहे हैं। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि संविधान ने इन सभी लोगों को आरक्षण का लाभ दिया है जो की लगातार खत्म किया जा रहा है।
इसके अलावा राहुल ने आरोप लगाया कि संस्थाओं का निजीकरण करना ही आरक्षण को खत्म करने का एक रास्ता है जिसे सरकार अपना रही है। सरकारी संस्थाएं निजी कंपनियों के हाथों में सौंपी जा रही हैं। राहुल गांधी ने कहा कि जब सरकारी संस्थाएं ही नहीं रहेंगी तो आरक्षण देना ही नहीं पड़ेगा। राहुल गांधी ने अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर करारा हमला बोला और कहा कि मोदी जी प्रधानमंत्री नहीं है, वह राजा है, उन्हें संसद से कुछ नहीं लेना-देना है और ना ही मंत्रिमंडल और संविधान से।
राहुल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21वीं सदी के राजा हैं, लेकिन असल में उनकी पावर कहीं और है। राहुल ने कहा कि उनके पीछे दो-तीन फाइनेंसर हैं और वही सब कुछ चला रहे हैं। वायनाड से सांसद ने कहा कि इन सभी का मकसद केवल पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यकों का रास्ता बंद करना है।

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