Exit Poll 2024 Lok Sabha Chunav: एनडीए गठबंधन के लिए आंध्र प्रदेश, यूपी और महाराष्ट्र के एग्जिट पोल का क्या मतलब है? – Jansatta

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लोकसभा चुनाव के नतीजे आने से पहले अब एग्जिट पोल के आंकड़ों को लेकर सोशल मीडिया से लेकर राजनीति के गलियारों में बहस हो रही है। एग्जिट पोल के आंकड़े बताते हैं कि एनडीए इस बार फिर से सत्ता में वापसी कर रहा है। बीजेपी ने चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र में एनडीए को मजबूत बनाने के लिए अन्य दलों को अपने साथ जोड़ा।
इन तीनों राज्यों को लेकर आए एग्जिट पोल के आंकड़ों का विश्लेषण करने से पता चलता है कि आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश में एनडीए गठबंधन पिछली बार से ज्यादा सीटें हासिल कर सकता है। जबकि महाराष्ट्र में उसे नुकसान होने का खतरा है।
क्या इन तीनों राज्यों में एनडीए गठबंधन को फायदा हुआ है या नहीं, इस बारे में बात करने से पहले 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी या एनडीए गठबंधन का प्रदर्शन यहां कैसा रहा था और इस बार एग्जिट पोल में इन राज्यों में एनडीए गठबंधन को कितनी सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है, इस बारे में बात करेंगे।
TV9 Exit Poll के अनुमान के मुताबिक, 48 लोकसभा सीटों वाले महाराष्ट्र में एनडीए को कम से कम 22 सीटें और NDTV India – Jan Ki Baat के मुताबिक अधिकतम 41 सीटें मिल सकती हैं। News18 Mega Exit Poll ने कहा है कि आंध्र प्रदेश में एनडीए को कम से कम 19 और India Today-Axis My India के मुताबिक अधिकतम 23 सीटें मिल सकती हैं।
India Today-Axis My India के एग्जिट पोल में उत्तर प्रदेश में एनडीए गठबंधन को 64 और Republic Bharat Matrize ने 74 सीटें मिलने की भविष्यवाणी की है।
महाराष्ट्र में लोकसभा की 48 सीटें हैं। India Today-Axis My India के एग्जिट पोल में एनडीए गठबंधन को यहां 28-32 जबकि इंडिया गठबंधन को 16-20 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। News18 Mega Exit Poll के मुताबिक एनडीए यहां 32-35 सीटें जीत सकता है। पिछली बार एनडीए गठबंधन को यहां 41 सीटों पर जीत मिली थी। शिवसेना और एनसीपी में विभाजन के बाद बीजेपी ने इस बार मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना और उप मुख्यमंत्री अजित पवार की एनसीपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा।
महाराष्ट्र में टिकट बंटवारे में बीजेपी को 28, एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 14 और अजित पवार की एनसीपी को 5 सीटें मिली थीं।
India Today-Axis My India के एग्जिट पोल में उत्तर प्रदेश में एनडीए गठबंधन को 64-67 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। News18 Mega Exit Poll के आंकड़ों के मुताबिक एनडीए यहां 68-71 सीटें जीत सकता है। 2019 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में एनडीए गठबंधन को 64 सीटों पर जीत मिली थी।
बीजेपी ने इस बार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपना प्रभाव रखने वाली राष्ट्रीय लोकदल और पूर्वांचल के कुछ जिलों में असर रखने वाली सुभासपा को एनडीए गठबंधन में शामिल किया था। एग्जिट पोल के आंकड़ों से पता चलता है कि उत्तर प्रदेश में एनडीए को इस चुनावी गठबंधन से फायदा हो सकता है और वह पिछली बार से ज्यादा सीटें जीत सकता है।
इसी तरह आंध्र प्रदेश को लेकर News18 Mega Exit Poll के एग्जिट पोल के आंकड़ों को देखें तो एनडीए के 25 सीटों में से 19 से 22 सीटें जीतने की बात कही गई है। India Today-Axis My India ने एनडीए को यहां 21-23 सीटें मिलने का अनुमान लगाया है। India Today-Axis My India के मुताबिक, इसमें से टीडीपी को 13-15, बीजेपी को 4-6 और जनसेना पार्टी को 2 सीटें मिल सकती है।
जबकि 2019 के चुनावी नतीजों को देखें तो आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस को 22 सीटों पर जबकि टीडीपी को तीन सीटों पर जीत मिली थी और भाजपा व जनसेना वहां अपना खाता भी नहीं खोल सकी थी। अगर एग्जिट पोल के आंकड़े नतीजों में बदलते हैं तो यह कहा जा सकता है कि चुनाव से पहले टीडीपी और जनसेना के साथ गठबंधन करना बीजेपी और एनडीए दोनों के लिए फायदेमंद साबित हुआ है।
आंध्र प्रदेश में सीट बंटवारे के तहत बीजेपी ने छह, टीडीपी ने 17 और जनसेना पार्टी ने दो लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ा।
आंध्र प्रदेश में विधानसभा के साथ ही लोकसभा के चुनाव भी हुए हैं। India Today-Axis My India का एग्जिट पोल कहता है कि राज्य की 175 विधानसभा सीटों में से एनडीए यहां 98 से 120 सीटें जीत सकता है। जबकि सरकार चला रही वाईएसआर कांग्रेस को 55-77 सीटें मिलने की बात कही गई है। वाईएसआर कांग्रेस ने 2019 में अकेले दम पर 151 सीटें जीती थी।
पिछली बार बीजेपी, टीडीपी और जनसेना पार्टी अलग-अलग चुनाव मैदान में उतरे थे लेकिन इस बार साथ मिलकर चुनाव लड़ने से इन्हें फायदा होता दिख रहा है।
सभी एग्जिट पोल्स ने भविष्यवाणी की है कि एनडीए गठबंधन सत्ता में वापस आ रहा है। तीन एग्जिट पोल ऐसे हैं जिनमें एनडीए को 400 से ज्यादा सीटें मिलने का दावा किया गया है। बीजेपी ने चुनाव में एनडीए के लिए 400 पार का नारा दिया था।

राष्ट्रीय राजधानी में जल संकट को लेकर दिल्ली सरकार की याचिका पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में जल संकट से निपटने के लिए ऊपरी यमुना नदी बोर्ड (Upper Yamuna River Board) की एक इमरजेंसी बैठक बुलाने का आदेश दिया है।

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