एक बार फिर मानकों की धज्जियां उड़ा रहा अवैध ईंट भट्ठा,

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लखनऊ। जनपद के नगर पंचायत तरकुलवा क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और एनजीटी के मानकों को ठेंगा दिखाते हुए अवैध ईंट भट्ठों का संचालन धड़ल्ले से जारी है। हैरानी की बात यह है कि जिम्मेदार सब कुछ जानते हुए भी आंख मूंदे हुए हैं।
नगर पंचायत तरकुलवा के अंतर्गत शिवम् ईंट उद्योग के नाम से संचालित भट्ठा पूरी तरह अवैध तरीके से चल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह भट्ठा बिना जरूरी मानकों और अनुमति के संचालित हो रहा है, जिससे आसपास के क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है और नगर वासियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
विभागीय सूत्रों की मानें तो पहले उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से प्रदूषण नियंत्रण के नाम पर करीब 15 हजार रुपये वार्षिक शुल्क लिया जाता था, लेकिन प्रदेश सरकार ने इसे बढ़ाकर 15 हजार से 45 हजार रुपये वार्षिक कर दिया है। शुल्क बढ़ने के बाद स्थिति यह है कि माया मिले न राम खाली हाथ रहे तमाम वाली कहावत सरकार के लिए यहां खूब चरितार्थ हो रही है पर इसके विपरीत जिम्मेदार दोहरी कमाई करते हुए सरकारी कोष को पलिता लगा अवैध भटठों के संचालन में संलिप्त हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब एनजीटी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के स्पष्ट मानक मौजूद हैं, तो फिर ऐसे भट्ठे कैसे चल रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि अवैध संचालन के पीछे मोटे लेन-देन का खेल जारी है।

इस सम्बन्ध में भट्ठा संचालक ने मानको के सवाल पर कहा कि जिस तरीके से जनपद में अन्य ईंट भट्ठे चल रहें हैं उसी प्रकार जैसी सरकार की व्यवस्था होगी, हमारा भी भट्ठा संचालित होगा।
वहीं क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी गोरखपुर आशुतोष चौहान से विभागीय सीयूजी नंबर 7839891763 से जनपद में आबादी क्षेत्र में मानको को दरकिनार कर अवैध ईंट भटठों के सम्बन्ध में बंदी की क्या कार्रवाई की गयी के सवाल को सुनते ही उन्होंने फोन काट दिया व मोबाईल बंद कर लिया।

फिलहाल तरकुलवा क्षेत्र में धुएं के गुबार के बीच सवाल उठ रहा है कि आखिर नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले इन भट्ठों पर प्रशासन कब कार्रवाई करेगा।

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