खुशखबरी! यहां से 13 घंटे में पहुंचेंगे गोवा, चलने वाली है नई वंदे भारत ट्रेन; संभावित रूट और टाइमिंग

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बेंगलुरु और गोवा के बीच रेल यात्रा जल्द ही और भी सुविधाजनक होने वाली है। मिली जानकारी के अनुसार, इन दोनों लोकप्रिय डेस्टिनेशन के बीच एक नई वंदे भारत एक्सप्रेस (सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन) शुरू होने वाली है। यह नई ट्रेन बेंगलुरु से गोवा तक के सफर को लगभग 13 घंटे में पूरा करेगी। दक्षिण पश्चिम रेलवे (SWR) ने इस संबंध में रेलवे बोर्ड को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। बोर्ड से प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही नई वंदे भारत के आधिकारिक शेड्यूल का ऐलान कर दिया जाएगा।

संभावित रूट और टाइमिंग

दक्षिण पश्चिम रेलवे के संभावित टाइमटेबल के अनुसार, इस ट्रेन का रूट मंगलुरु रेलवे क्षेत्र से होकर गुजरेगा।

बेंगलुरु से गोवा: यह ट्रेन बेंगलुरु के यशवंतपुर स्टेशन से सुबह 6:05 बजे रवाना होगी और शाम 7:15 बजे गोवा के मडगांव पहुंचेगी।

वापसी का सफर (गोवा से बेंगलुरु): वापसी में यह ट्रेन मडगांव से सुबह 5:30 बजे चलेगी और शाम 6:40 बजे यशवंतपुर पहुंचेगी।

रूट: प्रस्ताव के मुताबिक, यह ट्रेन मंगलुरु जंक्शन और मंगलुरु सेंट्रल स्टेशनों को छोड़ते हुए पडिल बाईपास के रास्ते आगे बढ़ेगी।

रफ्तार बढ़ाने का प्रस्ताव

यात्रा के समय को कम करने के लिए रेलवे विभाग ने कुछ सेक्शन पर ट्रेन की गति बढ़ाने का भी प्रस्ताव दिया है।

चिक्का बाणावारा से हासन: इस सेक्शन पर ट्रेन की गति 110 किमी/घंटा से बढ़ाकर 130 किमी/घंटा करने का प्रस्ताव है।

सकलेशपुर-सुब्रमण्य रोड घाट सेक्शन: इस पहाड़ी क्षेत्र में ट्रेन की गति 30 किमी/घंटा से बढ़ाकर 40 किमी/घंटा करने का सुझाव दिया गया है।

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबि, एक वरिष्ठ SWR अधिकारी ने बताया कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में एक बैठक के दौरान इस वंदे भारत सेवा की योजना की घोषणा की थी। घोषणा के बाद, रेल मंत्रालय ने एक औपचारिक प्रस्ताव मांगा था, जिसे लगभग 20 दिन पहले रेलवे बोर्ड को सौंप दिया गया है। रेलवे बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि इस प्रस्ताव पर फिलहाल चर्चा चल रही है। इस रूट पर सेवा संचालित करने के लिए दो ‘ट्रेनसेट’ (रैक) की आवश्यकता होगी और दोनों रैक उपलब्ध होने पर ही इसे लॉन्च किया जा सकेगा।

अंतिम टाइमटेबल तय करने से पहले रेलवे द्वारा इस रूट पर ट्रायल रन आयोजित किए जाएंगे। SWR के अनुसार, इन ट्रायल्स में ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग (AEB) सिस्टम से लैस दो वंदे भारत रैक का उपयोग किया जाएगा। ट्रायल शुरू होने से पहले, हाल ही में विद्युतीकृत किए गए हासन-ठोकुर (मंगलुरु) सेक्शन पर ओवरहेड इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट (OHE) सिस्टम का प्रमाणित होना और चालू होना आवश्यक है।

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