Loksabha Chunav 2024: दांव पर दो केंद्रीय मंत्री और 2 विधायकों की किस्मत, जानें बिहार में चौथे चरण में कौन-कौन हैं VIP – NBT नवभारत टाइम्स (Navbharat Times)

Spread the love

गिरिराज सिंह बिहार के बेगूसराय से लोकसभा सांसद और नरेंद्र मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री हैं। गिरिराज सिंह दूसरी बार बेगूसराय लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। गिरिराज सिंह के राजनीतिक करियर की बात करें तो वे साल 2002 में पहली बार एमएलसी चुने गए थे। 2008 से 2010 के बीच नीतीश कुमार की सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे। 2010 से 2013 तक बिहार के पशुपालन और डेयरी मंत्री रहे थे। 2014 में वह केंद्र की राजनीति में आ गए। गिरिराज को बीजेपी ने नवादा सीट से लोकसभा चुनाव में उतारा और उन्होंने राजद के प्रत्याशी को हराकर जीत हासिल की। 2019 के लोकसभा चुनाव में उनकी सीट बदल दी गई थी। नवादा की जगह बेगूसराय से उतारा गया था। यहां पर उनका मुकाबला जेएनयू के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार से था। गिरिराज सिंह को 687577, कन्हैया कुमार को 269976 और तनवीर हसन 196800 वोट मिले थे।

उजियारपुर लोकसभा क्षेत्र से केंद्रीय गृहराज्य मंत्री और बीजेपी उम्मीदवार नित्यानंद राय का बिहार सरकार के पूर्व मंत्री आरजेडी उम्मीदवार आलोक कुमार मेहता से सीधा मुकाबला है। 2014 में नित्यानंद राय ने कमल खिलाया था। इन्हें 3 लाख 17 हजार से अधिक मत मिले थे। राजद के उम्मीदवार आलोक कुमार मेहता को 2 लाख 56 हजार से अधिक मत हासिल हुए थे। ये साठ हजार से अधिक मतों से शिकस्त खा गए थे। 2019 चुनाव में नित्याननंद राय को जीत के अंतर में इजाफा मिला। 2 लाख 77 हजार से ज्यादा मतों से
इनकी जीत हुई। इनके सामने रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा थे। इन्हें 2 लाख 66 हजार से अधिक मत प्राप्त हुए थे। जबकि बीजेपी उम्मीदवार नित्याननंद राय को 5 लाख 43 हजार से ज्यादा मत मिले।

केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय के खिलाफ आरजेडी की ओर से चुनाव लड़ रहे आलोक मेहता उजियारपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक हैं। आलोक मेहता 2004 में समस्तीपुर से चुनाव जीतकर सांसद बने थे। आलोक मेहता आरजेडी सु्प्रीमो लालू और तेजस्वी यादव के खास सिपहसलाह माने जाते हैं। उनके पिता तुलसीदास मेहता भी राज्य के प्रसिद्ध समाजवादी नेता रहे थे।

मुंगेर लोकसभा बिहार की हॉट सीटों में से एक है। यहां आरजेडी और जेडीयू में सीधी फाइट है। जेडीयू की ओर से ललन सिंह चुनावी मैदान में हैं तो आरजेडी ने बाहुबली अशोक महतो की पत्नी अनिता देवी हैं। 2009 में आरजेडी ने रामबदन राय को प्रत्याशी बनाया। जिसे जदयू के राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने 1.89 लाख मतों के भारी अंतर से हराया था। वहीं 2014 में एनडीए से लोजपा प्रत्याशी वीणा देवी और जदयू प्रत्याशी राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह के बीच मुकाबला हुआ। इसमें वीणा देवी को जीत मिली। 2019 के चुनाव में गठबंधन के तहत यह सीट कांग्रेस के पास चली गई। इसमें कांग्रेस की नीलम देवी और एनडीए के राजीव रंजन सिंह के बीच मुकाबला हुआ। इसमें ललन सिंह 1.67 लाख मतों के अंतर से जीते थे।

दरभंगा लोकसभा ब्राह्मण, यादव और मुस्लिम बाहुल्य लोकसभा सीट है। दरभंगा लोकसभा सीट से अभी BJP के गोपाल जी ठाकुर सांसद हैं। बीजेपी ने साल 2019 के लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल के अब्दुल बारी सिद्धकी को हराया था। 2019 के दरभंगा लोकसभा चुनाव परिणाम पर नजर डाले तो यहां से बीजेपी के उम्मीदवार गोपाल जी ठाकुर ने आरजेडी के प्रत्याशी अब्दुल बारी सिद्धकी को 2,67,979 वोटों से हराया था। वहीं, 2014 के चुनाव में बीजेपी से कीर्ति आजाद ने जीत दर्ज की थी। इस बार आरजेडी ने गोपाल जी ठाकुर के सामने ललित यादव को मैदान में उतारा है। ललित दरभंगा रूलर से विधायक हैं। ललित बिहार सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं।

source

Previous post लोकसभा चुनाव 2024: यूपी में आज किन 13 सीटों पर हो रही वोटिंग? इन बड़े नेताओं की किस्मत दांव पर – India TV Hindi
Next post यूपी में के मौसम में 15 मई तक कोई बदलाव नहीं! जानें- आपके जिले का हाल – Bhartiya Basti

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *