प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गाजीपुर में कहा- काम लटकाने और हक मारने में कांग्रेस को काबिलियत हासिल है। वीर जवानों को वन रैंक वन पेंशन तक नहीं मिलने दी। यह तब लागू हुई जब मोदी आया। इन लोगों ने जवानों की तपस्या का माखौल उड़ाया। 2013 में बीजे
पीएम ने कहा- मुझे कितना संतोष होता है कि हमारी सरकार हर गरीब को मुफ्त राशन दे रही है। कोरोना के संकट में भी सरकार ने गरीब का चूल्हा बुझने नहीं दिया। कांग्रेस सपा के राज में गरीबों ने दिक्कत उठाई है।
आप याद करिए कांग्रेस कैसे सरकार चलाती थी। गहमरी बाबू के ताड़ीघाट का काम छह दशक तक लटका रहा, लेकिन पुल नहीं बना। पुल तब बना जब मोदी को आपने सेवा का अवसर दिया।
भोजपुरी से की भाषण की शुरुआत
मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत भोजपुरी से की। कहा- रउरी काशी के पावन धरती पर आप सब गाजीपुर के लोगन के हमार प्रणाम बा। बनारस वालों के लिए तो गाजीपुर आना ऐसा ही है, जैसे बगल के मोहल्ले में आ गए। बनारस वाले अगर गाजीपुर आ जालन केहु फोन करे त कहेलन अरे इहैं बगले में हईं भैया।
मोदी ने मुख्तार के नाना महावीर चक्र विजेता ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान अंसारी को भी याद किया। कहा- गाजीपुर का इतिहास देश की सीमाओं को पता है। यह पराक्रम और शौर्य की गाथा बताता है। शिवपूजन राय, भागवत मिश्रा, वीर अब्दुल हमीद जैसे सैनानी की धरती है। फौजियों का गहमर गांव यह नाम ही काफी है। यहां हर घर से जाबांज निकलते हैं। पूरा देश इस मिट्टी का ऋणी है।
कांग्रेस ने हमेशा राजनीति की
पीएम ने कहा- गाजीपुर जब भी आता हूं, तो मुझे एक पुराना प्रसंग बार-बार याद आता है। यह इसका गवाह है कि कैसे इंडी गठबंधन वालों ने विश्वासघात किया। आजादी के बाद कांग्रेस ने कसम खा ली थी कि इस क्षेत्र का विकास नहीं करेंगे। यहां के लोग गरीबी में घुट-घुटकर जीने को मजबूर थे। गहमरी बाबू ने नेहरू जी को यहां की स्थिति बताई, आंख में आंसू लेकर कहा कि कैसे यहां के लोग गोबर में गेंहूं बीनकर खाते थे। लेकिन कांग्रेस ने इसमें भी राजनीति की।
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