जौनपुर और मछलीशहर लोकसभा सीट पर वोटिंग खत्म हो गई है। जौनपुर में 55.52 % और मछलीशहर लोकसभा सीट पर 54.43 % मतदान हुआ है। जौनपुर से भाजपा से कृपा शंकर सिंह, सपा से बाबू सिंह कुशवाहा, बसपा से श्याम सिंह यादव सहित 12 प्रत्याशी मैदान में है। जबकि मछलीशहर
जौनपुर लोकसभा सीट से सीधे भाजपा प्रत्याशी कृपा शंकर सिंह व इंडी गठबंधन से बाबू सिंह कुशवाहा के बीच लड़ाई को मानी जा रही है। वहीं 2019 के चुनाव में सपा बसपा गठबंधन के प्रत्याशी श्याम सिंह यादव ने चुनाव जीत कर देश की सबसे बड़ी सदन में पहुंचे थे। वहीं मछलीशहर लोकसभा सीट की बात करे, तो भाजपा प्रत्याशी बीपी सरोज और सपा प्रत्याशी प्रिया सरोज के बीच कांटे की टक्कर है।
जौनपुर के मछलीशहर लोकसभा क्षेत्र के बनपुरवा के ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई सालों से गांव में विकास के नाम पर कोई कार्य नहीं हुआ है। वर्तमान बीजेपी सांसद बीपी सरोज से कई बार कहा गया। लेकिन आज तक उन्होंने सड़क, शिक्षा, बिजली जैसी तमाम जरूरतमंद चीजों पर भी ध्यान नहीं दिया। इसलिए आज मतदान का बहिष्कार किया गया है।
जौनपुर की 101 साल की मोहिनी मिश्रा ने किया मतदान
जौनपुर के ढेरापुर (अलीगंज) की रहने वाली मोहिनी मिश्रा (101) अभयचन्द्रपट्टी मतदान केंद्र पर पहुंचकर मतदान किया। मतदान के बाद उन्होंने कहा कि “मतदान हमारा अधिकार है। इसलिए वह सभी चुनाव में मतदान करने बूथ पर जरूर आती हैं। उन्होंने कहा कि सालों से उनकी इच्छा थी अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण हो, और यह इच्छा पूरी हुई। हमने इस बार राम मंदिर के नाम अपना वोट किया।
बता दें कि चुनाव आयोग ने बुजुर्गों को घर पर ही वोट दिलाने का इंतजाम किया था। लेकिन इन्होंने बूथ पर जाकर मतदान देने का विकल्प चुना था। ताकि उन्हें देख लोग जागरूक हों। मतदान के लिए प्रेरित हों। इनके बेटे संजय मिश्रा कहते हैं कि कोई ऐसा चुनाव नहीं होगा। जिसमें वह मतदान न करती हों।
भाजपा के 400 पार नारे के सवाल पर धनंजय ने कहा- 2014 और 2019 में भाजपा की तरफ से जीत के नारे लगे थे। दोनों नारे सफल हुए थे। हो सकता है इस बार भी उनका नारा सफल हो। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा मतदान करने की लोगों से अपील की। मछलीशहर लोकसभा सीट के विधानसभा पिंडरा में 6 बजे तक 56.28 प्रतिशत मतदान हुआ।
मतदान को लेकर दो समुदायों में तनाव
जौनपुर के सुजानगंज क्षेत्र के घुरीपुर गांव में सुबह करीब 10 बजे दो समुदायों में विवाद हो गया। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने आरोप लगाया कि हमें मतदान करने से रोका जा रहा है। सूचना पर समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक लाल बहादुर यादव मौके पर पहुंच गए।
उन्होंने बताया कि मुस्लिम समाज को मतदान करने से रोका जा रहा है। दूसरे पक्ष से राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी भी मौके पर पहुंच गई। सीमा द्विवेदी ने बताया कि लाल बहादुर यादव जबरन फर्जी मतदान करवाना चाहते हैं। बवाल बढ़ता देख पूरे गांव को प्रशासन ने चारों तरफ से घेर लिया। थानाध्यक्ष सुजानगंज महेश पाल सिंह ने बताया कि सब कुछ ठीक है। मतदान शांति पूर्वक कराया जा रहा है। करीब आधे घंटे तक मतदान प्रभावित रहा।
वोटिंग की तस्वीरें देखिए…
मजबूत लोकतंत्र के लिए मतदान जरुरी
जफराबाद के विधायक व पूर्व कैबिनेट मंत्री जगदीश नारायण राय ने अपने गांव कबीरूद्दीपुर प्राथमिक विद्यालय पहुंचकर मतदान किया। वोट डालने के बाद उन्होंने मतदाताओं से कहा कि देश के निर्माण व लोकतंत्र की मजबूती के लिए एक-एक वोट कीमती और जरूरी है। मजबूत लोकतंत्र के लिए सभी को मतदान करना चाहिए। लोकतांत्रिक देश में एक आम आदमी की सबसे बड़ी ताकत उसका मताधिकार होता है। इसका प्रयोग कर वह अपने लिए एक बेहतर सरकार के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में हर योग्य व्यक्ति को अपने मताधिकार का प्रयोग अनिवार्य रूप से करना चाहिए।
जिले के दोनों लोकसभा में 610 क्रिटीकल बूथ
जौनपुर में लोकसभा चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। जिले में 610 क्रिटीकल बूथ है। जहां पर पैरामिलिट्री की तैनाती की गई है।
बूथ के अंदर नहीं ले जा सकेंगे मोबाइल
मतदान के दिन मतदाता बूथ के अंदर मोबाइल नहीं ले जा सकेंगे। इसके लिए मतदान केंद्र के बाहर गेट पर बैठे कर्मी को मोबाइल सौंपना होगा या साथ में आये किसी साथी को मोबाइल देकर जाना होगा।
261 सेक्टर मजिस्ट्रेट व 9 एआरओ की है तैनाती
जौनपुर और मछलीशहर में लोकसभा चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से मतदान कराने व निगरानी के लिए 261 सेक्टर मजिस्ट्रेट व 9 एआरओ की तैनाती की गई है। जिले के दोनों लोकसभा सीट में 3510 मतदान केंद्र व 3899 मतदेय स्थल बनाए गए है। इसमें 9 पिंक बूथ व 116 मॉडल बूथ बनाये गए है। वहीं मतदान कराने के लिए जिले की दोनों लोकसभा सीटों पर 15 हजार 818 मतदान कर्मी व सुरक्षा के लिहाज से 17 हजार 937 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
एक तरफ भाजपा सांसद व दूसरी तरफ बसपा सांसद की साख लगी है दाव पर
जौनपुर लोकसभा सीट से वर्तमान सांसद व बसपा प्रत्याशी श्याम सिंह यादव व दूसरी तरफ मछलीशहर के सांसद भाजपा प्रत्याशी बीपी सरोज की साख दाव पर लगी है। दोनों लोकसभा सीट में 3510 मतदान केंद्र व 3899 मतदेय स्थल बनाये गए है। इसमें 9 पिंक बूथ व 116 मॉडल बूथ बनाये गए। ज़िलें में 610 क्रिटीकल बूथ है। वहां पर पैरामिलिट्री की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा की लिहाज से 17 हजार 937 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
जौनपुर लोकसभा में 19 लाख 77 हजार 237 मतदाताओं में 10 लाख 26 हजार 234 पुरुष 9 लाख 50 हजार 912 महिला व 91 थर्ड जेंडर के मतदाता है। मछलीशहर सीट में 19 लाख 40 हजार 605 मतदाताओं में 10 लाख 16 हजार 490 पुरूष, 9 लाख 24 हजार 246 महिला व 69 थर्ड जेंडर के मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।
प्रत्येक बूथ पर 10 सुरक्षाकर्मी की तैनाती
जिले में 7000 फोर्स की तैनाती की गई है। प्रत्येक बूथ पर 10 सुरक्षाकर्मी की तैनाती की गई है। संवेदनशील अति संवेदनशील बूथ पर पुलिस फोर्स के साथ सीआरपीएफ के जवान की तैनाती की गई है। वहीं 15 मॉडल बूथ बनाए गए हैं। जिसमें प्रत्येक विधानसभा में तीन-तीन मॉडल बूथ एवं एक-एक पिंक बूथ बनाए गए हैं। जहां पर आकर्षक ढंग से सजावट की गई है। सुरक्षा व्यवस्था के भी मजबूत इंतजाम किए गए हैं।
पॉलिटिकल एक्सपर्ट के अनुसार जौनपुर लोकसभा सीट में चुनावी समीकरण बदलते रहे हैं। मगर इस वक्त भाजपा-सपा में फाइट है। इस लड़ाई में बसपा नहीं है, बसपा ने अपना घोड़ा बहुत बाद में छाेड़ा। बसपा के प्रत्याशी बदलने से भी गलत मैसेज गया है। कुछ मतदाता प्रतिबद्ध मतदाता होते हैं, जिनका चुनाव में कोई अहम रोल नहीं होता है। 10% मतदाता ऐसा होता है जो इधर से उधर जाता है। जिसमें युवा भी शामिल हैं। यहां भाजपा के कृपा शंकर सिंह और इंडी गठबंधन के प्रत्याशी बाबू सिंह कुशवाहा दमदारी से चुनाव लड़ रहे हैं। दोनों पूर्व मंत्री रहे हैं। दोनों बाहर की राजनीति करके जौनपुर में चुनाव लड़ने आए हैं। वहीं, धनंजय ने भले ही भाजपा को समर्थन दे दिया हो, लेकिन उनके लोग अभी भी इसे दबाव या मजबूरी ही समझ रहे हैं।
पॉलिटिकल एक्सपर्ट के अनुसार मछलीशहर लोकसभा सीट से बीपी सरोज 2014 में बसपा से चुनाव लड़े थे। लेकिन भाजपा प्रत्याशी राम चरित्र निषाद से हार गए। 2019 में वह भाजपा से आए और महज 181 वोटों से किसी तरह से जीत पाए थे। इस बार फिर भाजपा से चुनाव लड़ रहे हैं। मगर इस बार लोगों में नाराजगी है। ऐसे में भाजपा की जीत इतनी आसान नहीं है। वहीं बीपी सरोज के कार्यकाल में कार्य तो हुए हैं, लेकिन कमियां भी कुछ कम नहीं। एससी-एसटी मुकदमा दर्ज कराने के मामले में वह चर्चित रहते हैं। इसका असर भी पड़ेगा। वहीं इंडी गठबंधन की डॉ. प्रिया सरोज मैदान में हैं। युवा और पढ़ी लिखी होने के कारण यूथ भी उनसे जुड़ा हुआ है।
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