Lok Sabha Chunav 2024: प्रचार के ल‍िए पहली बार पंजाब गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, क‍िसानों ने क‍िया जबरदस्‍त व‍िरोध – Jansatta

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लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे का किसानों ने कई जगहों पर जोरदार विरोध किया। प्रधानमंत्री ने पंजाब दौरे के दौरान भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में पटियाला, गुरदासपुर और जालंधर में चुनावी सभाओं को संबोधित किया लेकिन किसानों ने भी कई जगहों पर सड़कों पर उतरकर उनका पुतला फूंका और जमकर नारेबाजी की। लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पंजाब का यह पहला दौरा था।
संयुक्त किसान मोर्चा ने कुछ दिन पहले ऐलान किया था कि किसान प्रधानमंत्री के पंजाब दौरे का विरोध करेंगे। पंजाब की राजनीति में किसान बहुत ताकतवर हैं। किसान पूरे पंजाब में बीजेपी के उम्मीदवारों का विरोध कर रहे हैं, ऐसे में बीजेपी क्या 2019 में मिली 2 सीटों से आगे बढ़ पाएगी या नहीं?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब में अपनी चुनावी सभाओं में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस दोनों पर हमला बोला और कहा कि वैसे तो ये दल इंडिया गठबंधन में शामिल हैं लेकिन पंजाब में एक-दूसरे से लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि 1971 में जब भारत ने पाकिस्तान को युद्ध में हराया था, अगर वह उस वक्त प्रधानमंत्री होते तो पहले पाकिस्तान से करतारपुर साहिब लेते और उसके बाद ही 90000 पाकिस्तानी फौजियों को छोड़ते।
मोदी ने कहा कि आज पंजाब के सिख श्रद्धालु करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए जा सकते हैं। मोदी ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर हमला बोला और कहा कि राज्य नशे के दलदल में धंस रहा है और इस पर कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है। 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पटियाला से बीजेपी की उम्मीदवार और पूर्व केंद्रीय मंत्री परनीत कौर के समर्थन में चुनावी जनसभा की। परनीत कौर पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी हैं। वह 2019 का लोकसभा चुनाव कांग्रेस की टिकट पर जीती थीं लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस छोड़ दी थी और अपनी पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस बनाई थी। बाद में उन्होंने अपनी पार्टी का बीजेपी में विलय कर दिया था। गुरदासपुर से बीजेपी के उम्मीदवार दिनेश सिंह बब्बू के लिए भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वोट मांगे। गुरदासपुर सीट पिछली बार बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़े फिल्म अभिनेता सनी देओल ने जीती थी।
जालंधर सीट से बीजेपी के उम्मीदवार सुशील रिंकू के लिए भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी जनसभा की। सुशील रिंकू जालंधर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में आम आदमी पार्टी के टिकट पर जीते थी लेकिन लोकसभा चुनाव से ठीक पहले वह बीजेपी में शामिल हो गए थे। यहां से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी चुनाव मैदान में हैं।
प्रधानमंत्री के दौरे के विरोध में भारतीय किसान यूनियन एकता डकौंदा धनेर ग्रुप कपूरथला ने गांव धंदल चौक में प्रधानमंत्री का पुतला जलाया और नारेबाजी की। इस दौरान किसानों ने कहा कि पंजाब के किसान 13 माह तक दिल्ली के बॉर्डर पर आंदोलन करते रहे और इसमें 750 से भी ज्यादा किसान शहीद हो गए। 
किसानों का कहना था कि उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा ने प्रदर्शनकारी किसानों पर गाड़ी चढ़ा दी थी। किसानों ने कहा कि सरकार ने एमएसपी की कानूनी गारंटी का वादा किया था लेकिन अब सरकार अपना वादा पूरा नहीं कर रही है। 
यहां याद दिलाना होगा कि साल 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान जब नरेंद्र मोदी पंजाब में चुनाव प्रचार के लिए आए थे तब उनका काफिला एक फ्लाईओवर पर 30 मिनट तक रुका रहा था। इसे देखते हुए पंजाब में पुलिस प्रशासन ने उनकी सुरक्षा के सख्त बंदोबस्त किए थे। 
कपूरथला विधानसभा क्षेत्र खडूर साहिब लोकसभा सीट के अंदर आता है। खडूर साहिब सीट इस बार जबरदस्त चर्चा में है क्योंकि यहां से अलगाववादी नेता अमृतपाल सिंह चुनाव लड़ रहा है। अमृतपाल सिंह के अलावा इस सीट से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार और भगवंत मान सरकार में कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर, कांग्रेस की ओर से कुलबीर सिंह जीरा, बीजेपी की ओर से मनजीत सिंह मन्ना मियांविंड और शिरोमणि अकाली दल की ओर से विरसा सिंह वल्टोहा चुनाव लड़ रहे हैं। 
खडूर साहिब सीट 2008 में वजूद में आई थी। उससे पहले इस सीट को तरन तारन के नाम से जाना जाता था। 1977 से लेकर 2004 तक अकाली दल को यहां सिर्फ दो बार हार मिली है। 2019 के लोकसभा चुनाव में यहां से जसबीर सिंह गिल डिम्पा कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे थे।  
खडूर साहिब लोकसभा सीट में नौ विधानसभा सीटें आती हैं। इन सीटों के नाम- जंडियाला (एससी), बाबा बकाला (एससी), जीरा, तरनतारन, खेमकरण, पट्टी, खडूर साहिब, सुल्तानपुर लोधी और कपूरथला हैं। 
पंजाब में 20 लाख किसान परिवार हैं और इतनी बड़ी संख्या को कोई भी राजनीतिक दल नजरअंदाज नहीं कर सकता। इसलिए सभी राजनीतिक दल किसानों को मनाने की कोशिश कर रहे हैं। 
किसानों की सबसे ज्यादा नाराजगी बीजेपी को लेकर दिखाई देती है। किसानों का कहना है कि भाजपा ने उनसे जो वादे किए थे, उन्हें पूरा नहीं किया। इन दिनों पंजाब के शंभू बॉर्डर पर धरना दे रहे किसानों को भी हरियाणा की भाजपा सरकार ने दिल्ली नहीं जाने दिया। इसे लेकर भी किसानों में नाराजगी है। 
लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने इस बात को मुद्दा बनाया है और हरियाणा और पंजाब में बीजेपी के उम्मीदवारों को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। किसान भाजपा के उम्मीदवारों से सवाल पूछ रहे हैं कि उन्हें दिल्ली क्यों नहीं जाने दिया और उन्हें एमएसपी की गारंटी कब मिलेगी? किसानों का कहना है कि मोदी सरकार एमएस स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को कब लागू करेगी?
किसानों के प्रदर्शन को लेकर पंजाब भाजपा के अध्यक्ष सुनील जाखड़ कहते हैं कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने किसानों के प्रदर्शन में घुसपैठ की है और वे बीजेपी के प्रत्याशियों को चुनाव प्रचार नहीं करने दे रहे हैं।
पंजाब में इस बार चारों बड़ी पार्टियां अलग-अलग चुनाव लड़ रही हैं और इस वजह से राज्य की 13 लोकसभा सीटों पर जबरदस्त चुनावी मुकाबला है। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल सभी 13 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं। पंजाब में दिल्ली की तरह कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का गठबंधन नहीं हो सका। इसी तरह शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी लाख कोशिशों के बाद भी एक साथ चुनाव लड़ने के लिए राजी नहीं हुए। 
पंजाब में 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को 8 सीटों पर जीत मिली थी जबकि शिरोमणि अकाली दल और भाजपा दो-दो सीटों पर जीते थे। एक सीट आम आदमी पार्टी की झोली में गई थी। 
पंजाब में अकाली दल से नाता टूटने के बाद से ही भाजपा खुद को लगातार मजबूत करने की कोशिश कर रही है। इस क्रम में उसने दूसरे दलों से आए आए कई बड़े नेताओं को बीजेपी में शामिल किया है और उन्हें बड़े पदों पर भी बैठाया है। पंजाब बीजेपी के अध्यक्ष सुनील जाखड़ इससे पहले पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष थे। इसके अलावा कई ऐसे नेता हैं जो दूसरे दलों से आए हैं और बीजेपी के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं। ऐसे नेताओं में पटियाला से पूर्व केंद्रीय मंत्री परनीत कौर, लुधियाना से रवनीत सिंह बिट्टू, जालंधर से सुशील रिंकू का नाम प्रमुख है। 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई बड़े बीजेपी नेता पंजाब में पार्टी के लिए प्रचार कर रहे हैं। 
पंजाब में 1996 से लेकर 2019 तक बीजेपी के पास शिरोमणि अकाली दल का समर्थन था। शिरोमणि अकाली दल मूल रूप से पंजाब में ही राजनीति करता है। लेकिन इस बार बीजेपी के साथ अकाली दल नहीं है और किसान भी विरोध में हैं, ऐसे में क्या वह 2024 में पिछली बार मिली 2 सीटों से आगे बढ़ पाएगी?

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