PM Modi Interview Highlights: लोकसभा चुनाव 2024 के सातवें और आखिरी चरण से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एबीपी न्यूज़ को धमाकेदार इंटरव्यू दिया. पीएम नरेंद्र मोदी के इस खास इंटरव्यू को मंगलवार (28 मई) को एबीपी न्यूज़ पर रात 8 बजे से देखा जा रहा है. चुनावी नतीजों से पहले दिए गए पीएम मोदी के इस दमदार इंटरव्यू को आप एबीपी न्यूज़ की वेबसाइट के साथ ही फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम पर भी देख सकते हैं.
पीएम मोदी का इंटरव्यू आप यहां भी देख सकते हैं
लाइव टीवी: https://news.abplive.com/live-tv
एबीपी न्यूज़ हिंदी (Hindi): https://www.abplive.com/
एबीपी न्यूज़ यूट्यूब: https://www.youtube.com/watch?v=nyd-xznCpJc
एबीपी हिंदी फेसबुक: facebook.com/abpnews
चक्रवात रेमल को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं को मानवीय संकट मानते हुए इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. मैंने चुनावी आपाधापी के बीच चक्रवात रेमल को लेकर रिव्यू मीटिंग की. हमने पहले से ही टीमें भेज दी थीं. हम राज्य सरकार के साथ पूरी तरह से मिलकर इस आपदा से निपटने का हरसंभव प्रयास करेंगे.
राम मंदिर के कार्यक्रम से विपक्ष की दूरी के सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि इन्होंने राजनीति के शॉर्टकट ढूंढे हैं, इसलिए वो वोट बैंक की राजनीति में फंस गए. इसकी वजह से वो घोर सांप्रदायिक, घोर जातिवादी, घोर परिवारवादी हो गए और गुलामी की मानसिकता से बाहर नहीं आए. वरना क्या कारण है कि 19वीं शताब्दी के कानून 21वीं शताब्दी में बदले गए. उन्होंने कहा कि दुनिया में महात्मा गांधी एक महान आत्मा थे. क्या हमारी ये 75 सालों में हमारी जिम्मेदारी नहीं थी कि पूरी दुनिया महात्मा गांधी को जाने. पहली बार गांधी पर फिल्म बनी, तब दुनिया में क्यूरोसिटी बनी. उन्होंने कहा कि इतिहास से हमें जुड़े रहना चाहिए. जब अदालत ने फैसला दिया तो पूरे देश में शांति रही. राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा खूब गौरव के साथ हुई. खुद बाबरी मस्जिद की लड़ाई लड़ने वाले इकबाल अंसारी वहां थे.
पीएम मोदी ने इंटरव्यू में कहा कि बंगाल आर्थिक रूप से सार्वजनिक सुधार तक इस देश का नेतृत्व करता था. पिछले 200 सालों का इतिहास निकाल कर देख लीजिए. हर जगह पर बंगाल नजर आएगा. बंगाल में सामर्थ्य और संसाधनों की कोई कमी नहीं है. बंगाल में सही नेतृत्व का अभाव है. मैं केवल राजनीतिक नेतृत्व की बात नहीं कर रहा हूं. फुटबॉल हर बंगाली के डीएनए में है, लेकिन देश इसमें मेडल लेकर नहीं आता है. अगर इस पर ठीक से किसी ने ध्यान दिया होता तो बंगाल का फुटबॉल दुनिया में नंबर वन होता. उन्होंने कहा कि केवल वाइब्रेंट गुजरात जैसा कार्यक्रम करने से कुछ खास नहीं होगा. बहुत मेहनत करने पर एक निवेशक तैयार होता था. बंगाल के लिए भी ऐसा ही करना पड़ेगा. मैंने गुजरात में 6-6 महीने मेहनत की है.
इस सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि हमारा ध्येय वही है, लेकिन उसकी डेडलाइन तय नहीं हो सकती है. मैं गुजरात में एक गरीब प्रयाण मेला करता था. इसमें सरकार की जितनी योजनाएं होती है, उसमें अधिकारियों का काम होता था, लाभार्थियों को लाकर उन्हें स्कीम का लाभ देना. इस तरह की योजनाओं से ही लोगों को आगे बढ़ाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाएं जिंदगी बदलने वाली हों. आज 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं. लोगों के सामर्थ्य को जगाना चाहिए.
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि 80-90 के दशक में मैं कश्मीर में रहा हूं. जब मैं प्रधानमंत्री बना तो वहां बाढ़ आई. मैं वहां चला गया. लोग मुसीबत में थे और वहां की सरकार को पता ही नहीं था. मैंने वहां एक हजार करोड़ देने का फैसला किया. इसके बाद मैंने वहां दिवाली मनाने का फैसला किया. वहां जब मैं पहुंचा तो लोगों का प्रतिनिधिमंडल मुझसे मिला. वो मुझसे अकेले मिलना चाहते थे. उन्होंने कहा कि आप जम्मू-कश्मीर के लिए जो भी कीजिए, सीधे कीजिएगा. इसमें सरकार को शामिल मत कीजिएगा. वहां के लोगों को राज्य सरकार पर भरोसा नहीं था. उन्होंने कहा कि कश्मीर के लोग मेरे फैसले से खुश हैं.
