पटियाला लोकसभा के चुनाव में इस बार सबसे बड़ा सवाल यही है कि यहां से चार बार कांग्रेस के टिकट पर जीतकर लोकसभा में पहुंचीं परनीत कौर क्या इस बार यहां कमल खिला पाएंगी। बता दें कि परनीत कौर पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और अनुभवी नेता अमरिंदर सिंह की पत्नी हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह भी पटियाला से लोकसभा का चुनाव जीत चुके हैं। पटियाला के शाही परिवार से आने की वजह से परनीत कौर को महारानी भी कहा जाता है।
पटियाला लोकसभा में चुनाव प्रचार के दौरान परनीत कौर को किसानों के विरोध का भी सामना करना पड़ा है। कैप्टन अमरिंदर सिंह खराब स्वास्थ्य की वजह से उनके लिए चुनाव प्रचार नहीं कर पाए हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके लिए चुनावी जनसभा को संबोधित किया था।
कांग्रेस ने पूर्व सांसद धर्मवीर गांधी, आम आदमी पार्टी ने पटियाला ग्रामीण सीट से अपने विधायक और कैबिनेट मंत्री बलबीर सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है। अकाली दल ने एनके शर्मा को टिकट दिया है।
परनीत कौर भारत सरकार में मंत्री रही हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले जब कांग्रेस ने अमरिंदर सिंह से मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा ले लिया था तो अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस छोड़कर अपनी पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस बना ली थी। बाद में उन्होंने अपनी पार्टी का बीजेपी में विलय कर दिया था। इस साल मार्च में परनीत कौर बीजेपी में शामिल हो गई थीं।
आजादी के बाद से अब तक हुए यहां 17 चुनाव में कांग्रेस को 11 बार जीत मिली है और यह सीट कांग्रेस का एक मजबूत गढ़ मानी जाती है। कैप्टन अमरिंदर सिंह भी यहां से 1980 में लोकसभा का चुनाव जीत चुके हैं। परनीत कौर 1999, 2004 और 2009 में इस सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीत चुकी हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्हें आम आदमी पार्टी के टिकट पर धर्मवीर गांधी ने हराया था।
2019 में एक बार फिर परनीत कौर यहां से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीती थीं। तब उनकी जीत का अंतर 1.63 लाख वोटों का रहा था। इस चुनाव में धर्मवीर गांधी तीसरे नंबर पर रहे थे।
धर्मवीर गांधी अपने सामाजिक कार्यों के लिए जाने जाते हैं। जरूरतमंदों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवा देने के कारण वह यहां लोकप्रिय हैं। गांधी 30 साल से एक एनजीओ चला रहे हैं।
पंजाब में किसान लगातार अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। पटियाला के अलावा कई अन्य सीटों पर भी बीजेपी के उम्मीदवारों को किसानों के गुस्से का सामना करना पड़ा है। किसानों का कहना है कि मोदी सरकार उन्हें सभी फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी दे और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश को लागू करें।
परनीत कौर को ग्रामीण क्षेत्रों में अगर किसानों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है तो शहरी इलाकों में उन्हें मोदी फैक्टर और हिंदू मतदाताओं से काफी उम्मीद है। इस लोकसभा क्षेत्र में 42% हिंदू मतदाता हैं।
परनीत कौर अपनी चुनावी सभाओं में कहती हैं कि मोदी जी को पंजाब को मजबूत बनाने के लिए वोट दीजिए। अगर केंद्र में बीजेपी की सरकार बनेगी तो पंजाब को कई योजनाओं का फायदा मिलेगा। परनीत कौर कहती हैं कि मोदी ने 70 साल से अधिक उम्र के लोगों को आयुष्मान कार्ड दिए ताकि उन्हें 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल सके। वह किसानों के प्रदर्शन के लिए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को जिम्मेदार ठहरती हैं और लोगों से कहती हैं कि उनके परिवार ने यहां पर 25 साल तक लोगों की सेवा की है।
आम आदमी पार्टी को भगवंत मान सरकार के काम के बूते यहां जीत की उम्मीद है। उसके उम्मीदवार बलबीर सिंह सरकारी नौकरियां देने, 800 से अधिक मोहल्ला क्लीनिक खोलने और मुफ्त बिजली देने को दोहराते हैं। बलबीर सिंह के पक्ष में चुनाव प्रचार करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान अमरिंदर सिंह परिवार की आलोचना कर चुके हैं। बलबीर सिंह को पटियाला लोकसभा सीट के बाकी आप विधायकों का भी पूरा समर्थन मिल रहा है। हालांकि मान सरकार को सत्ता विरोधी लहर का भी सामना करना पड़ रहा है।
हिंदू मतदाताओं की अच्छी संख्या को देखते हुए ही शिरोमणि अकाली दल ने पूर्व विधायक एनके शर्मा को उम्मीदवार बनाया है। एनके शर्मा दो बार डेराबस्सी सीट से विधायक रह चुके हैं। अकाली दल को उम्मीद है कि वह सिख और हिंदू मतदाताओं के जरिए इस सीट पर जीत हासिल कर सकती है। 1996 और 1998 में अकाली दल के वरिष्ठ नेता प्रेम सिंह चंदूमाजरा यहां से चुनाव जीते थे।
पटियाला लोकसभा क्षेत्र में नौ विधानसभा सीटें आती हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में इन सभी नौ सीटों पर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों को जीत मिली थी। इन सीटों के नाम नाभा, पटियाला ग्रामीण, राजपुरा, डेरा बस्सी, सनौर, पटियाला, समाना, शुतराना और घनौर हैं।
