Cyclone Remal: बंगाल में आधी रात लैंडफाल करेगा चक्रवात रेमल, PM मोदी ने की बैठक 135 KM की स्पीड – ABP न्यूज़

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Cyclone Remal: चक्रवाती तूफान रेमल ने और प्रचंड रूप अख्तियार कर लिया है और इस तूफान के रविवार आधी रात तक बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल के तटों पर दस्तक देने की उम्मीद है. मौसम विज्ञान विभाग ने यह जानकारी दी. विभाग ने बताया कि रेमल के तटों पर पहुंचने पर 110 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और उनका वेग 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक होगा.
चक्रवात के कारण पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा और कोलकाता व आसपास के क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने का अनुमान है. मौसम कार्यालय ने बताया कि रेमल उत्तर की ओर बढ़ रहा है और रविवार आधी रात तक मोंगला बंदरगाह के दक्षिण-पश्चिम के निकट सागर द्वीप (पश्चिम बंगाल) और खेपुपारा (बांग्लादेश) के बीच तटों को पार करने से पहले इसके और तेज होने की संभावना है.
इस बीच रेमल तूफान को लेकर केंद्र सरकार भी अलर्ट मोड पर है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चक्रवात रेमल की प्रतिक्रिया और तैयारियों की समीक्षा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, पीएम मोदी को चक्रवात रेमल के आज आधी रात को बांग्लादेश और आसपास के पश्चिम बंगाल तटों से टकराने संबंधित जानकारी दी गई.
#WATCH | PM Narendra Modi chairs a meeting to review response and preparedness for Cyclone Remal

Cyclone Remal is to make landfall today, at midnight between Bangladesh and adjoining West Bengal coasts, as per IMD. pic.twitter.com/47KsrXOxc9

कोलकाता में मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वी क्षेत्र के प्रमुख सोमनाथ दत्ता ने कहा कि दक्षिण बंगाल के कई जिलों में रविवार शाम से 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जिससे कोलकाता, हावड़ा, हुगली और पूर्व मेदिनीपुर प्रभावित होंगे. उन्होंने कहा कि रेमल नुकसान पहुंचाएगा, लेकिन इसके 2020 में आए चक्रवात अम्फान के मुकाबले कम विनाशकारी रहने की संभावना है.
चक्रवात को देखते हुए पूर्वी और दक्षिण पूर्वी रेलवे ने एहतियात के तौर पर दक्षिण और उत्तर 24 परगना और पूर्व मेदिनीपुर जिले के तटीय जिलों में कई ट्रेन सेवाएं रद्द कर दी हैं. कोलकाता एयरपोर्ट के अधिकारियों ने चक्रवात रेमल के संभावित प्रभाव के कारण रविवार दोपहर से 21 घंटे के लिए उड़ान संचालन निलंबित करने का फैसला किया है.
भारतीय हवाईअड्डा प्राधिकरण (एएआई) के एक प्रवक्ता ने कहा कि उड़ान निलंबन अवधि के दौरान अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों क्षेत्रों में आने-जाने वाली कुल 394 उड़ानों का हवाई अड्डे से संचालन नहीं होगा. भारतीय तट रक्षक बल (आईसीजी) के कोलकाता मुख्यालय वाले उत्तर पूर्व क्षेत्र के अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए सभी एहतियाती कदम उठाए हैं कि समुद्र में जान-माल का कोई नुकसान न हो.
कोलकाता स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह में भी चक्रवात के पूर्वानुमान के कारण रविवार शाम से 12 घंटे के लिए माल एवं कंटेनर प्रबंधन परिचालन निलंबित रहेगा. चक्रवात रविवार सुबह साढ़े 11 बजे तक उत्तरी बंगाल की खाड़ी में सागर द्वीप से 240 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पूर्व में स्थित था और इस दौरान 90-100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और उनका वेग 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक था. यह मॉनसून से पहले के मौसम में बंगाल की खाड़ी में आने वाला पहला चक्रवात है.
मौसम कार्यालय ने पश्चिम बंगाल और उत्तरी ओडिशा के तटीय जिलों में 26-27 मई को अत्यधिक भारी वर्षा होने की चेतावनी जारी की है. असम और मेघालय में भी अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका है. मणिपुर, नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा में 27-28 मई को भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है. चक्रवात के पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तटीय इलाकों में पहुंचने पर 1.5 मीटर ऊंची तूफानी लहरें उठने के कारण निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका है.
मौसम कार्यालय ने मछुआरों को सोमवार सुबह तक उत्तरी बंगाल की खाड़ी में समुद्र में न जाने की सलाह दी है. उत्तर और दक्षिण 24 परगना, पूर्व मेदिनीपुर, कोलकाता, हावड़ा और हुगली जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है. उत्तर और दक्षिण 24 परगना और पूर्व मेदिनीपुर जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की आशंका के कारण इन क्षेत्रों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है. नादिया और मुर्शिदाबाद जिलों में भी 27-28 मई को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. 
पूर्वी रेलवे ने रविवार रात 11 बजे से सोमवार सुबह छह बजे तक सियालदह दक्षिण और बारासात-हसनाबाद खंड में ट्रेन सेवाओं को एहतियातन निलंबित कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप कई लोकल ट्रेन रद्द कर दी गईं. दक्षिण पूर्व रेलवे ने भी रविवार को कांडारी एक्सप्रेस और रविवार एवं सोमवार को दीघा से आने-जाने वाली कुछ रेल रद्द कर दी हैं. उत्तरी ओडिशा में बालासोर, भद्रक और केंद्रपाड़ा जिलों में 26-27 मई और मयूरभंज में 27 मई को भारी बारिश होने की संभावना है. उत्तर बंगाल के जिलों कूच बिहार, अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी में 28-29 मई को अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका है.
इसके अलावा दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर जिलों में भी भारी बारिश की संभावना है. आईएमडी ने पश्चिम बंगाल के दक्षिण और उत्तर 24 परगना जिलों में बाढ़ आने और कमजोर संरचनाओं, बिजली एवं संचार लाइन, कच्ची सड़कों, फसलों और बगीचों को भारी नुकसान होने की चेतावनी दी है. प्रभावित इलाकों में लोगों को घर के अंदर ही रहने की सलाह दी गई है. 
यह भी पढ़ें- Cyclone Remal: 135km/h की हवाएं, 1.5 मीटर तक तूफानी लहरें… तबाही मचाने को बेताब रेमल, बंगाल में रेड अलर्ट

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