Lok Sabha Elections 2024 Exit Polls: लोकसभा चुनाव के छह चरण पूरे हो चुके हैं. सातवें चरण के लिए वोटिंग 1 जून को होना है. 1 जून को वोटिंग प्रक्रिया खत्म होते ही लोगों की नजरें Exit Polls पर रहेगी. हर बार चुनाव के लिए मतदान खत्म होने के बाद तमाम एजेंसियां एग्जिट पोल्स लेकर आती हैं. इस बार 1 जून को आखिरी चरण की वोटिंग समाप्त होने के बाद शाम को सभी एजेंसियों के एग्जिट पोल्स आना शुरू हो जाएंगे. इन एग्जिट पोल्स के जरिए ये अनुमान लगाया जाता है कि चुनाव के नतीजे कैसे रहेंगे. कौन सी पार्टी कैसा प्रदर्शन कर सकती है और कितनी सीटें जीत सकती है.
तमाम लोग ओपिनियन पोल और एग्जिट पोल को एक ही समझ लेते हैं, लेकिन इनके बीच अंतर होता है. एजेंसियां ओपिनियन पोल चुनाव से पहले कराती हैं. इसके जरिए हर क्षेत्र में ये जानने की कोशिश की जाती है कि वहां की जनता सरकार के काम से संतुष्ट हैं या नहीं.
जबकि एग्जिट पोल्स वोटिंग के बाद का क्विक सर्वे होता है. वोटिंग के बाद एजेंसियां वोटरों से वोटिंग की जानकारी लेती हैं. वोटर्स से बात करने के बाद इस बात का अंदाजा लगाया जाता है कि कहां पर कौन सी पार्टी कैसा प्रदर्शन कर सकती है. एजेंसियां रुझानों के आधार पर निष्कर्ष निकालने का प्रयास करती हैं. कई बार एग्जिट पोल्स सही साबित होते हैं और कई बार गलत भी साबित हो सकते हैं. एग्जिट पोल के लिए 30-35 हजार से लेकर एक लाख वोटर्स तक से बातचीत होती है. इसमें क्षेत्रवार हर वर्ग के लोगों को शामिल किया जाता है.
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साल 2019 में हुए लोकसभा चुनावों में भाजपा को सत्ता में आते हुए दिखाया गया था. उस समय एनडीए को प्रचंड बहुमत मिलते दिखाया गया था. ज्यादातर एग्जिट पोल्स में भाजपा को 300 से ज्यादा सीटें मिलते दिखाया गया था. जबकि कांग्रेस के लिए अनुमान काफी निराशाजनक दिखाए गए थे. यूपीए को 100 से 120 के आसपास सीटें मिलते दिखाया गया था. एक-दो को छोड़कर ज्यादातर एग्जिट पोल्स ठीक साबित हुए थे. 
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