Varanasi Lok Sabha Seat: काशी में जमे भाजपा के दिग्गज, विरोधियों ने भी भरी हुंकार – Jansatta

Spread the love

लोकसभा चुनाव 2024 अब अंत‍िम चरण में पहुंच चुका है। 1 जून को सातवें और आख‍िरी चरण का मतदान होगा। 4 जून को नतीजे आएंगे। एक जून को ज‍िन क्षेत्रों में चुनाव होना है, उनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वाराणसी सीट भी है। यहां नरेंद्र मोदी का मुकाबला नरेंद्र मोदी से ही है। पूरी भाजपा इस कोश‍िश में जुटी है क‍ि मोदी की जीत सबसे ज्‍यादा मार्ज‍िन से हो।
यहां वैसे तो इकतरफा मुकाबला है, फ‍िर भी भाजपा और व‍िपक्षी दल जी-जान से बैट‍िंग कर रहे हैं। सारा जोर नरेंद्र मोदी की जीत का अंतर ज्‍यादा या कम करने का है।
लोकसभा चुनाव 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को करीब 64 फीसदी वोट म‍िले थे। सपा को 18 और कांग्रेस को 14 प्रत‍िशत मत म‍िले थे। इस बार सपा और कांग्रेस साथ हैं। ऐसे में दोनों पक्ष अपनी-अपनी ओर से पूरी ताकत लगाए हुए हैं।
पिछले दो चुनावों में पीएम मोदी ने वाराणसी सीट से बड़े अंतर से जीत हासिल की थी। जब 2014 में नरेंद्र मोदी ने पहली बार वाराणसी से चुनाव लड़ा था और प्रधानमंत्री बने, तब उन्होंने आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल को 3.72 लाख वोट से हराया था।
वाराणसी सीट पर पीएम मोदी के खिलाफ मैदान में छह उम्मीदवार खड़े हैं। सपा-कांग्रेस गठबंधन के तहत कांग्रेस ने इस सीट से अजय राय को अपना उम्मीदवार बनाया है। वहीं, बहुजन समाज पार्टी ने अतहर जमाल लारी को यहां अपना कैंडिडेट घोषित किया है। सीट से अन्य उम्मीदवारों में अपना दल (कमेरावादी) के गगन प्रकाश यादव, युग तुलसी पार्टी के कोली शेट्टी शिवकुमार और दो निर्दलीय – संजय कुमार तिवारी और दिनेश कुमार यादव हैं।
भारतीय जनता पार्टी ने वाराणसी के रण में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में इन दिनों भारतीय जनता पार्टी के नेताओं का जमावड़ा लगा हुआ है। इस महत्वपूर्ण लोकसभा सीट के लिए कई दिग्गज भाजपा नेता बार-बार शहर का दौरा कर रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूरी चुनावी प्रक्रिया का संचालन किया है, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा वाराणसी में लगातार आ-जा रहे हैं। महिला एवं बाल विकास के लिए कैबिनेट मंत्री स्मृति ईरानी भी बुधवार को शहर पहुंच रही हैं। पीएम मोदी ने भी अपने नामांकन के दिन वाराणसी में रोड शो किया था।
जानकारी के मुताबिक, अमित शाह सोमवार और मंगलवार को वाराणसी में रुके और भाजपा के कुछ शीर्ष नेताओं के साथ बैठक की और वाराणसी में चल रहे चुनाव प्रचार के बारे में फीडबैक लिया। अमित शाह का वाराणसी में 30 मई तक रुकने का प्रोग्राम है। एनडीए के सहयोगी और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने वाराणसी में शाह से मुलाकात की।
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल पिछले दो दिनों से शहर में डेरा डाले हुए हैं और इंडस्ट्रलिस्ट और बिजनेसमैन से मुलाकात कर रहे हैं। सोमवार को भाजपा प्रमुख नड्डा ने वाराणसी में सड़क किनारे एक स्टाल पर चाय पी और कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ बातचीत की। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक भी की और जमीनी स्तर पर प्रचार अभियान के बारे में फीडबैक लिया।
मंगलवार को उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने वाराणसी के लक्सा क्षेत्र में झूले लाल मंदिर में एक कार्यक्रम में भाग लिया। सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वकीलों के साथ बातचीत की जहां उन्होंने केंद्र सरकार के विकास कार्यों पर प्रकाश डाला। 26 मई को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने वाराणसी में शिक्षाविदों और तमिल समुदाय के सदस्यों के साथ बैठकें कीं थी।
वाराणसी के बेनीपुर ग्राम में मंगलवार शाम को आयोजित चुनावी जनसभा में अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने BJP के पक्ष में वोट मांगे। उन्होंने कहा कि आप लोग वाराणसी संसदीय क्षेत्र से कोई सांसद चुनने नहीं जा रहे हैं। आप लोग यहां से प्रधानमंत्री का चुनाव करने जा रहे हैं। तीसरी बार एतिहासिक मतों से नरेंद्र मोदी बनारस से चुनाव जीतेंगे, केंद्र में सरकार बनेगी।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी पर संयुक्त हमला बोलते हुए कहा कि मौजूदा चुनाव देश के संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष है।
सपा-कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे के तहत सपा यूपी की 80 सीटों में से 63 पर और कांग्रेस 17 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष अजय राय वाराणसी लोकसभा सीट से मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने 2014 और 2019 का चुनाव भी इसी सीट से लड़ा था लेकिन हार गए। मंगलवार को वाराणसी में एक रैली को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि अजय राय निर्वाचन क्षेत्र से जीतेंगे। उन्होंने गारंटी दी कि 4 जून के बाद मोदी प्रधानमंत्री नहीं रहेंगे।
वहीं, अपने संबोधन में अखिलेश ने बीजेपी पर लोगों को विकास से वंचित कर धोखा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “जो लोग कहते हैं कि वे डबल इंजन सरकार हैं, उन्होंने यहां के लोगों को धोखा दिया है। अब, हमें दोहरी ताकत मिल गई है।” सपा प्रमुख ने कहा कि उन्होंने पहले कहा था कि यूपी में एक सीट छोड़कर बाकी सभी सीटें जीतेगी। हालांकि, अब उन्हें विश्वास है कि वे क्लीन स्वीप कर देंगे।
वहीं, विपक्षी दल भी वाराणसी के रण में कोई कसर नहीं छोड़ना चाह रहे हैं। इंडिया गठबंधन के लिए संयुक्त रूप से प्रचार करते हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी मंगलवार को पीएम के निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा पर हमला बोला।
उत्तर प्रदेश में अपना दल (कमेरावादी) के साथ गठबंधन में शामिल एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने भी मंगलवार को वाराणसी में जनसभा की। वाराणसी में अपना दल (के) ने पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ उम्मीदवार खड़ा किया है। एआईएमआईएम प्रमुख ने PDM प्रत्याशी गगन प्रकाश यादव के पक्ष में वोट की अपील की। इस दौरान अपना दल कमेरावादी की अध्यक्ष कृष्णा पटेल और सिराथू विधायक पल्लवी पटेल भी मौजूद रहीं। इस दौरान ओवैसी ने भाजपा के साथ-साथ सपा और कांग्रेस पर भी जमकर निशाना साधा।
असदुद्दीन ने कहा, “400 पार का मतलब संविधान गया, आरक्षण गया, रोजगार गया और महंगाई बढ़ेगी इसलिए सोच समझ के वोट देना होगा।” वहीं राहुल-अखिलेश पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि राहुल-अखिलेश मोदी को नहीं हरा सकते। याद रखना इस बात को। ये सिर्फ अपने परिवार को बचाना चाहते हैं।”
उन्होंने कहा, “हम ये चाहते हैं कि हमारा मुल्क मजबूत हो तो भारत की राजनीती में मुस्लिम को उनका मुकाम मिले। आपने कभी कांग्रेस का साथ दिया फिर जनता दल, लोकदल, बीएसपी और सपा का साथ दिया। किसने हमारा साथ दिया। किसने हमारे घर में आकर चिराग जलाया। किसने हमारे मोहल्ले में स्कूल खुलवाए? जब तक आप वोट देने वाले नहीं बनेंगे हम नाइंसाफी के शिकार होते रहेंगे। एक मोदी आज हैं कल दूसरा आएगा। ऐसे में आप अपनी लीडरशिप बनाइये क्योंकि मुसलमानों का कोई लीडर नहीं है। मुझे लीडर नहीं बनना है। मै अपील कर रहा हूं की किसी को भी बनाइये मै उसके पीछे खड़े होकर काम करूंगा। आप को अपना नेता बनाना होगा।”
वाराणसी लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत 5 विधानसभा क्षेत्र आते हैं। भाजपा ने 1991 के बाद से वाराणसी सीट सात बार जीती है, केवल एक बार (2004 में) यह सीट कांग्रेस के खाते में गई थी। निर्वाचन क्षेत्र में अधिकांश मतदाता हिंदू हैं, जिनमें ब्राह्मण, भूमिहार और जायसवाल की बड़ी संख्या है।

source

Previous post UP की बड़ी खबरें: मथुरा में दरोगा की गर्दन पकड़ी, कॉलर पकड़कर खींचा, मारपीट की – Dainik Bhaskar
Next post Lok Sabha Elections 2024 Exit Polls: कब आएंगे एग्जिट पोल्‍स के नतीजे! ओपिनियन पोल से कितने अलग होते हैं एग्जिट पोल? – Zee Business हिंदी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *