देश में 18वीं लोकसभा के लिए चुनाव खत्म हो चुका है। अब 4 जून को नतीजे आएंगे। 7 फेज में 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेशों की 542 सीट पर लगभग 65.14% वोटिंग हुई।
19 अप्रैल से 4 जून तक चलने वाली यह चुनाव प्रक्रिया कुल 46 दिनों की है। यह 1952 के बाद सबसे लंबे समय तक चलने वाला चुनाव है, 1952 में चुनावी प्रक्रिया 4 महीने तक चली थी। वहीं 1980 में सिर्फ 4 दिन में चुनाव हो गए थे। वही 2019 के चुनाव 39 दिन में पूरा हो गया था। इस बार के चुनावी मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, 43 केंद्रीय मंत्री, 12 पूर्व मुख्यमंत्री, 8 फिल्मी सितारे और 2 पूर्व क्रिकेटर थे।
7 राज्यों में 15 साल बाद वोटिंग घटी
पिछले तीन लोकसभा चुनावों के मुकाबले 2024 में कम वोटिंग हुई है। 2009 में सभी 543 सीटों पर 58.21%, 2014 में 66.44%, 2019 में 67.4% मतदान हुआ था, जो इस बार 66.07% ही रह गया।
इस बार जिन राज्यों (मप्र, राजस्थान, गुजरात) में NDA और इंडिया में एकतरफा मुकाबला माना जा रहा है, वहां वोटिंग प्रतिशत में 4 से 5% तक की गिरावट आई है। सबसे ज्यादा सीटों वाले राज्यों UP, बिहार, बंगाल में 15 साल में पहली बार वोटिंग प्रतिशत घटा है। हालांकि, महाराष्ट्र में पिछले 3 चुनावों से वोटिंग प्रतिशत बढ़ा है।
2019 और 2024 में हुए सातों फेज के वोटर आउट की तुलना
लोकसभा चुनाव 2019 में भी सात चरण में चुनाव हुए थे, लेकिन 2024 के 7 में से 5 चरणों में पिछली बार की तुलना में वोटिंग 4% तक घटी है। जिन 2 चरणों में वोटिंग प्रतिशत बढ़ा है, वहां 1% से कम का अंतर है।
अब हर फेज की डिटेल पढ़िए …
पहला चरण- 19 अप्रैल
लोकसभा के फर्स्ट फेज में 21 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों की 102 सीटों पर वोटिंग हुई। पहले चरण में कुल 66.14% वोटिंग हुई। चुनाव आयोग के मुताबिक, इलेक्शन के पहले फेज में कुल 1,625 कैंडिडेट्स मैदान में थे, जिनमें 1,491 पुरुष और 134 महिला उम्मीदवार थे। इनमें महिलाएं केवल 8% थी। वोटिंग के दौरान अलग-अलग घटनाओं में 2 लोगों की मौत हुई। पूरी खबर पढ़ें …
विवाद- घटनाएं
पहले फेज के चर्चित चेहरे
पहले फेज के फोटो-मोमेंट
दूसरा चरण- 26 अप्रैल
लोकसभा के सेकंड फेज में 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 88 सीटों पर वोटिंग हुई। कुल 66.71% वोटिंग हुई। चुनाव आयोग के मुताबिक, इलेक्शन के दूसरे फेज में 1,198 कैंडिडेट्स मैदान में थे। इनमें 1,097 पुरुष और 100 महिला उम्मीदवार थे। वहीं, एक प्रत्याशी थर्ड जेंडर था। चुनाव के दौरान बंगाल में भाजपा समर्थक की मौत हो गई थी। पार्टी ने TMC पर आरोप लगाया था। पूरी खबर पढ़ें …
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सेकंड फेज के चर्चित चेहरे
सेकंड फेज का फोटो-मोमेंट
तीसरा चरण- 7 मई
लोकसभा के थर्ड फेज में 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 93 सीटों पर 65.68% वोटिंग हुई। चुनाव आयोग के मुताबिक, इस फेज में कुल 1352 कैंडिडेट्स मैदान में थे। इनमें 1229 पुरुष और 123 (9%) महिला थीं। चुनाव के दौरान बिहार में 2 और छत्तीसगढ़ में एक व्यक्ति की मौत हो गई। पूरी खबर पढ़ें …
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थर्ड फेज के चर्चित चेहरे
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चौथा चरण – 13 मई
लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 96 सीटों पर 69.58% वोटिंग हुई। चुनाव आयोग के मुताबिक, इलेक्शन के इस फेज में कुल 1,717 कैंडिडेट्स मैदान में थे, जिनमें 1,540 पुरुष और 170 महिला उम्मीदवार थे। चुनाव के दौरान बिहार, महाराष्ट्र और बंगाल में एक-एक मौतें हुईं। पूरी खबर पढ़ें …
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फोर्थ फेज के चर्चित चेहरे
फोर्थ फेज का फोटो-मोमेंट
पांचवां चरण- 20 मई
लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण में 8 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 49 सीटों पर 62.20% वोटिंग हुई। चुनाव आयोग के मुताबिक, इलेक्शन के पांचवें फेज में 695 कैंडिडेट्स मैदान में थे। इनमें 613 पुरुष और 82 महिला उम्मीदवार थे। इनमें महिलाएं केवल 12% थीं। चुनाव के दौरान बिहार के सारण और उत्तर प्रदेश के महोबा में एक-एक मौतें हुईं। वहीं, जम्मू कश्मीर की बारामूला लोकसभा सीट पर अब तक का सबसे ज्यादा मतदान हुआ। वोटर टर्नआउट के मुताबिक यहां 59% लोगों ने वोटिंग की। पूरी खबर पढ़ें …
विवाद- घटनाएं
5वें फेज के चर्चित चेहरे
5वें फेज का फोटो-मोमेंट
छठा चरण – 25 मई लोकसभा चुनाव के छठवें चरण में 8 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 58 सीटों पर 63.37% वोटिंग हुई। चुनाव आयोग के मुताबिक, इलेक्शन के छठे फेज में 889 कैंडिडेट्स चुनाव लड़े। इनमें 797 पुरुष और 92 महिला उम्मीदवार थीं। चुनाव के दौरान जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग-राजौरी से PDP की प्रत्याशी महबूबा मुफ्ती धरने पर बैठ गईं। उन्होंने EVM के साथ छेड़छाड़ और मोबाइल फोन का आउटगोइंग कॉल बंद करने का आरोप लगाया। पूरी खबर पढ़ें …
विवाद-घटनाएं
6वें फेज के चर्चित चेहरे
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सातवां चरण- 1 जून
लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण में 8 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 57 सीटों पर 60.37% वोटिंग हुई। चुनाव आयोग के मुताबिक, इलेक्शन के सातवें फेज में 904 कैंडिडेट्स चुनाव लड़े। इनमें 809 पुरुष और 95 महिला उम्मीदवार थे। इस फेज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी UP की वाराणसी सीट से चुनावी मैदान में थे। पूरी खबर पढ़ें …
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7वें फेज के चर्चित चेहरे
7वें फेज का फोटो-मोमेंट
2024 चुनाव की 5 हॉट सीटें…
1. वाराणसी, उत्तर प्रदेश
वाराणसी सबसे VIP सीट है। PM मोदी पिछले 10 साल से यहां के सांसद हैं। तीसरी बार उनकी नजर बहुत बड़े अंतर से जीत हासिल करने पर है। इस बार यहां से केवल 6 उम्मीदवार ही PM मोदी के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरे हैं। शुरुआत में 141 उम्मीदवारों ने नामांकन भरा था। एक ने वापस ले लिया। बाकियों में से केवल 7 ही स्क्रूटनी में पास हो सके। कांग्रेस-सपा और इंडी गठबंधन की तरफ से अजय राय ही मुकाबले में हैं, लेकिन पिछले तीनों चुनाव में वे बड़े अंतर से हारे हैं।
2. रायबरेली, UP
सोनिया के राज्यसभा जाने के बाद कांग्रेस ने रायबरेली से राहुल गांधी को टिकट दिया है। सोनिया इस सीट से लगातार पांच बार सांसद रह चुकी हैं। वहीं, आजादी के बाद कांग्रेस को मात्र तीन बार इस सीट से हार मिली है। हालांकि, 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के दिनेश प्रताप सिंह ने सोनिया को कड़ी टक्कर दी थी, लेकिन उनसे 1.5 लाख वोटो से पीछे रह गए थे। भाजपा ने उन पर फिर भरोसा जताया है।
रायबरेली और नेहरू-गांधी परिवार का नाता पुराना है। इस सीट से चुनाव-उपचुनाव मिलाकर कुल 16 बार कांग्रेस के उम्मीदवारों को जीत मिली है जबकि तीन बार गैर कांग्रेसी उम्मीदवार विजयी रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, सोनिया गांधी इस सीट से जीतकर संसद जा चुके हैं।
3. गांधीनगर, गुजरात
भाजपा की ओर से देश के गृह मंत्री अमित शाह यहां से चुनाव लड़ रहे हैं। इस सीट पर 30 सालों से भाजपा का कब्जा है। भाजपा के कई दिग्गज नेता 1989 से यहां से जीत रहे हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में पहली बार अमित शाह ने यहां से चुनाव लड़ा और करीब साढ़े पांच लाख वोटों से जीत हासिल की।
वहीं, कांग्रेस ने इस सीट से पार्टी की सचिव सोनल रमणभाई पटेल को मैदान में उतारा है। वे मुंबई और पश्चिमी महाराष्ट्र में पार्टी की सह प्रभारी हैं। साथ ही गुजरात महिला कांग्रेस की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। वे कह चुकी हैं कि उन्हें भाजपा के वरिष्ठ नेता के खिलाफ चुनाव लड़ने में बिल्कुल भी हिचक नहीं है।
4. विदिशा, मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश में मामा के नाम से मशहूर शिवराज सिंह चौहान करीब 20 साल बाद दोबारा विदिशा से चुनाव लड़ रहे हैं। 2005 में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने से पहले वे यहां से पांच बार सांसद चुने जा चुके थे। वे अभी यहां की बुधनी विधानसभा सीट से विधायक हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और सुषमा स्वराज भी यहां से चुनाव जीत चुके हैं।
मामा के सामने कांग्रेस ने ‘दादा’ को उतारा है। दरअसल, कांग्रेस प्रत्याशी प्रतापभानु सिंह स्थानीय नेता हैं और दादा के उपनाम से जाने जाते हैं। भानु 1980 और 1984 में दो बार यहां से सांसद रह चुके हैं। वे मध्य प्रदेश यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष और 1980-84 तक रक्षा मंत्रालय की सलाहकार समिति के सदस्य भी रहे हैं।
5. मंडी, हिमाचल प्रदेश
राज्य के 6 बार के CM रहे वीरभद्र सिंह और मंडी संसदीय सीट से मौजूदा सांसद प्रतिभा सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह मौजूदा विधायक हैं। विक्रमादित्य, सुक्खू कैबिनेट में मंत्री भी हैं। BJP ने कंगना रनोट को टिकट दिया है। कंगना विवादों की क्वीन हैं, लेकिन उनके पक्ष में उनका बॉलीवुड स्टारडम, राजपूत-ब्राह्मण और भाजपा को मिलने वाले वोट भी जा सकते हैं।
कंगना को टिकट देने का फैसला हाईकमान का था, ऐसे में कुछ BJP नेता इससे खफा भी हैं। इनमें से एक दिनेश भाटी पार्टी छोड़कर कंगना के खिलाफ ही निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं।
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