UP Budget: इलेक्ट्रिक बस और स्टेशन के निर्माण के लिए 550 करोड़ रुपए, चार्जिंग के लिए भी 50 करोड़

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यूपी की योगी सरकार ने विधानसभा में बजट पेश किया है। उत्तर प्रदेश में परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने और बस यात्रियों की सुविधा का भी ध्यान रखा गया है। इसके लिए सरकार ने 650 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। इसमें इलेक्ट्रिक बसों को खरीदने के लिए 400 करोड़ और बस स्टेशनों के निर्माण के लिए 150 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।

इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए बस स्टेशनों पर चार्जिंग की व्यवस्था के लिए 50 करोड़ रुपये अलग से दिए जाएंगे। सड़क हादसों में मौतों का आंकड़ा 50 प्रतिशत कम करने के लिए (मुख्यमंत्री की जीरो फैटिलिटी योजना) के लिए भी 50 करोड़ रुपये देने की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई बार सड़क हादसों और उनमें होने वाली मौतों को कम करने के लिए निर्देश दे चुके हैं। इसको देखते हुए ही 50 करोड़ रुपये का बजट दिया जाएगा। दुर्घटनाओं में कमी लाने के साथ-साथ राहत एवं बचाव कार्यों को भी इस रकम से प्रभावी बनाने में मदद मिलने की बात सरकार ने कही है।

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि यह बजट प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित, आधुनिक व पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा। साथ ही नागरिकों को बेहतर, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराने के संकल्प को भी सशक्त करेगा। ई-बसों की खरीद के लिए 400 करोड़ रुपये मिलने से सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का विस्तार होगा।

प्रदेश के न्यायालयों में आवासीय और अनावासीय भवनों के निर्माण के लिए बजट में चार करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इस रकम में दो करोड़ रुपये से कार्यालय भवनों का निर्माण कराया जाएगा। इसी तरह सरकारी आवास, अन्य आवास और इनके निर्माण व रख-रखाव के लिए दो करोड़ रुपये खर्च करने के लिए राशि दी गई है। इसी तरह जल परीक्षण के लिए प्रयोगशाला संचालन के लिए 40.18 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। विधान परिषद के पोर्टिको में फसाड लाइटिंग के लिए 4.92 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

वहीं विधान परिषद में डिजिटल लाइब्रेरी के लिए 4.93 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इसी तरह सचिवालय में डिजिटल आर्ट गैलरी की स्थापना पर 4.10 करोड़ खर्च होंगे। वहीं विधानसभा मंडल के एसी प्लान के अपग्रेडेशन के लिए 3.65 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसी तरह चतुर्थ श्रेणी के जीपीएफ के केंद्रीयकृत रखरखाव के लिए 64 लाख रुपये का इंतजाम किया गया है। वहीं अधिनस्थ सेवा चय आयोग में गुप्त सेवा व्यय के लिए पांच करोड़ रुपये रखे गए हैं।

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