लखनऊ। मध्यांचल के अमौसी जोन में नए विद्युत संयोजन देने में जोन के कलेक्शन विभाग के अवर अभियंताओ का बड़ा खेल उजागर हुआ है निजी प्लाटिंग क्षेत्र में प्राक्कलन को दरकिनार कर साधारण शुल्क 5755 रुपये जमा करवाकर विद्युत संयोजन जारी कर दिए गए है वही मामले से बेखबर नव अवगंतुक अधिशाषी अभियंता कलेक्शन नवीन तैनाती की विसंगतियों के भंवर में फंसे नजर आ रहे है निजी प्लाटिंग क्षेत्र में विद्युतीकरण प्राक्कलन को दरकिनार कर साधारण शुल्क पर विद्युत संयोजन देने वाले जोन के अवर अभियंताओ ने विभाग का वन टू का फोर कर दिया है वातानुकूलित कमरों में बैठ जनता की गाढ़ी कमाई को कैसे खर्च करवाना है ये बंद कमरों में तय होता है माध्यम वर्गी उपभोक्ताओं को नए विद्युत संयोजन देने में नियमों का पाठ पढ़ाने वाले जोन के मठाधीशों ने नियमों को सुविधा अनुसार संशोधित करने का फॉर्मूला अपनाया हुआ है वही निर्माणाधीन भवनों में स्थायी विद्युत संयोजन देने का मामला भी सामने आया है जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जोन में विद्युत संयोजन देने वाले कितनी पारदर्शिता से काम को अंजाम दे रहे है खैर इस पूरे मामले से मुख्य अभियंता अंजान है ।
