Lok Sabha Election 2024 उत्तराखंड उन राज्यों में शामिल है जिनमें प्रथम चरण में 19 अप्रैल को लोकसभा चुनाव होने हैं। इसके लिए नामांकन दाखिल करने के लिए बुधवार को अंतिम तिथि थी। यहां पांचों लोकसभा सीटों के लिए भाजपा कांग्रेस बसपा समेत अन्य दलों और निर्दल के रूप में कुल 63 प्रत्याशी मैदान में हैं। उत्तराखंड में चुनावी मैदान अब सज गया है।
राज्य ब्यूरो, देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड में गुलाबी ठंडक के बीच अब सियासी गर्माहट घुलने जा रही है। लोकसभा की पांच सीटों वाले इस राज्य में नामांकन की अंतिम तिथि गुजरने के साथ ही मैदान सज चुका है और सूरमा भी सियासी रण में उतर चुके हैं। जाहिर है कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले उत्तराखंड में चुनाव प्रचार अभियान जोर पकड़ेगा।
साथ ही अब उत्तराखंड में स्टार प्रचारकों की आमद भी होगी। इस सबके बीच अब तक जो तस्वीर उभरकर सामने आ रही है, उसमें परंपरागत प्रतिद्वंद्वियों भाजपा व कांग्रेस के बीच दिख रहे मुकाबले में बसपा तीसरा कोण बनाने का प्रयास कर रही है। यद्यपि, चुनावी तस्वीर नाम वापसी के बाद साफ होगी।
19 अप्रैल को मतदान, आज नामांकन का आखिरी दिन
उत्तराखंड उन राज्यों में शामिल है, जिनमें प्रथम चरण में 19 अप्रैल को लोकसभा चुनाव होने हैं। इसके लिए नामांकन दाखिल करने के लिए बुधवार को अंतिम तिथि थी। यहां पांचों लोकसभा सीटों के लिए भाजपा, कांग्रेस, बसपा समेत अन्य दलों और निर्दल के रूप में कुल 63 प्रत्याशी मैदान में हैं।
भाजपा, कांग्रेस और बसपा सभी सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। सपा सीधे तौर पर मैदान में नहीं है, लेकिन उसने सभी सीटों पर कांग्रेस को समर्थन दिया है। क्षेत्रीय दल के तौर पर उक्रांद भी चुनावी दंगल में उपस्थिति दर्ज करा रहा है। इसके साथ ही चुनाव के लिए मैदान सज चुका है। साथ ही महासमर में उतरे सूरमाओं ने अपनी रणनीति को धरातल पर उतारना प्रारंभ कर दिया है।
बीजेपी के स्टार प्रचारक हुए घोषित
भाजपा अपने स्टार प्रचारक घोषित कर चुकी है तो अन्य दल तैयारी में जुटे हैं। राज्य में हुए लोकसभा व विधानसभा चुनावों की तस्वीर देखें तो यहां मुख्य मुकाबला भाजपा व कांग्रेस के बीच ही होता आया है और इस बार भी तस्वीर ऐसी ही दिख रही है। इतना अवश्य है कि मुकाबले में बसपा तीसरा कोण बनाने के इरादे से मैदान में डटी है। बसपा ने पांचों सीटों पर प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। इसे कांग्रेस खेमे में बेचैनी के कारण के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि उत्तराखंड में पूर्व में कांग्रेस सरकार के समय बसपा उसकी सहयोगी रहने के साथ ही सत्ता में भागीदार भी रही है।
चार सीटें हुई हॉट, उम्मीदवारों का हुआ एलान
राज्य में लोकसभा सीटों की संख्या भले ही पांच हो, लेकिन इनमें से चार महत्वपूर्ण हो गई हैं और वहां दिग्गजों की साख दांव पर है। भाजपा ने इन सीटों पर अल्मोड़ा से पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, नैनीताल-ऊधम सिंह नगर से वर्तमान केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट, गढ़वाल सीट से भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख व वर्तमान राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी और हरिद्वार से पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत मैदान में उतारा है।
इस चुनाव में भाजपा ने पांच में से दो सीटों गढ़वाल व हरिद्वार में नए चेहरे उतारे हैं। टिहरी गढ़वाल सीट से प्रत्याशी वर्तमान सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह के सामने हैट्रिक लगाने की चुनौती रहेगी। कांग्रेस की दृष्टि से देखें तो हरिद्वार सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की साख दांव पर है, जहां से उनके पुत्र वीरेंद्र रावत प्रत्याशी हैं। इसके अलावा गढ़वाल संसदीय सीट पर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और अल्मोड़ा सीट से पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा मैदान में हैं।
चढ़ेगा सियासी पारा
बुधवार को लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। अभी तक नामांकन के अवसर पर ही प्रत्याशी शक्ति प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन नाम वापसी के बाद एक अप्रैल से राज्य में चुनाव प्रचार गति पकड़ेगा। यहां चोटी से तलहटी तक और गांव से शहर तक वादों व दावों की बयार बहेगी। इसके लिए राजनीतिक दलों ने चुनावी सभाओं, रोड शो समेत अन्य कार्यक्रम निर्धारित कर लिए हैं, जिन्हें अब धरातल पर उतारा जाएगा। साथ ही राजनीतिक दल अपने स्टार प्रचारकों के कार्यक्रमों को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं।
यह भी पढ़ें: Election 2024: स्टार प्रचारक के रूप में बढ़ी सीएम धामी की डिमांड, UCC ने दी अलग पहचान; बीजेपी करेगी पूरा इस्तेमाल

