मिर्च में कैंसरकारी डाई, भुने चने में खतरनाक रंग, सैंपलिंग में हैरान करने वाला खुलासा, खुद ऐसे जांचे

Spread the love

मुनाफे के लिए खाद्य कंपनियां और कारोबारी लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की रिपोर्ट से इसकी पुष्टि हो रही है। मिर्च में कैंसरकारी सूडान डाई, भुने चने में कपड़े रंगने वाला खतरनाक रंग, एटीसी कंपनी की चाय में किडनी-लीवर को नुकसान पहुंचाने वाला सनसेट यलो रंग मिला है। दीपक स्वीट्स से लिया घी का सैंपल भी अधोमानक निकला है।

होली से पहले एफएसडीए ने बीते लगभग छह महीने की सैंपल रिपोर्ट का विवरण गुरुवार को जारी किया। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षय गोयल ने बताया कि जुलाई 2025 में परसाखेड़ा स्थित मैसर्स एचएन फूड प्रोडक्ट्स से पास्ता मसाले का नमूना लैब भेजा था। जो जांच में अधोमानक मिला है। लम्पस और फंगल की ग्रोथ सामने आई है।

16 दिसंबर को श्यामगंज स्थित मैसर्स मूर्ति इंटरप्राइजेज से भुने चने का सैंपल लिया गया। यह नमूना भी असुरक्षित मिला। ज्यादा पीला दिखाने के लिए इसमें कपड़े रंगने वाली डाई औरामाइन ओ की खतरनाक मिलावट की गई। यह डाई लीवर, किडनी को नुकसान पहुंचाने के साथ कैंसर जैसी बीमारियों को बढ़ावा देती है। बच्चों, गर्भवतियों और बुजुर्गों के लिए यह मिलावट जानलेवा साबित हो सकती है। यह न्यूरोलाजिकल विकार उत्पन्न करने के साथ ही पाचन तंत्र को भी नष्ट कर देता है। इन सभी कारोबारियों को 30 दिनों में दोबारा अपील का अवसर दिया गया है। अपील प्राप्त न होने की दशा में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

होली के त्योहार पर मिलावट का खेल रोकने को लेकर विभाग अलर्ट हो गया है, जिसको लेकर गुरुवार को विभागीय टीमों ने परसोना रोड स्थित शिफा डेयरी से मिश्रित दूध, राजेश मिल्क बिथरी से पनीर का नमूना और गुलाब नगर स्थित आयुष कुमार शर्मा के प्रतिष्ठान से दूध का एक नमूना लेकर जांच को भेजा है। इसके साथ ही ग्रोवर फूड्स, लक्ष्मी कोल्ड स्टोरेज और राहुल कोल्ड स्टोरेज का निरीक्षण किया।

15 अक्तूबर को बिथरी चैनपुर के नरियावल स्थित मैसर्स बाला जी ट्रेडर्स से राजहंस हेल्थ रिफाइंड सोयाबीन ऑयल का नमूना जांच में अधोमानक पाया गया। पटेल चौक स्थित मैसर्स दीपक स्वीट्स से लिया घी का नमूना जांच में अधोमानक मिला है। इज्जत नगर स्थित मुल्ला जी चावल वाले से सप्तऋषि धनिया और हल्दी पाउडर का नमूना जांच में असुरक्षित मिला। इसी ब्रांड का तीखा मिर्च पाउडर भी असुरक्षित था। नमूने में सूडान टू व सूडान थ्री डाई पाई गई। इनका प्रयोग प्लास्टिक, टेक्सटाइल, मोम और पेट्रोलियम उत्पाद रंगने में होता है।

चटकीले लाल-नारंगी रंग व कम कीमत के कारण इनका अवैध रूप से इस्तेमाल मसालों, सॉस और पाम ऑयल का रंग निखारने के लिए किया जाता है। मिर्च में भी इनका इस्तेमाल हो रहा है। इनका सेवन कैंसर और डीएनए क्षति का कारण बन सकता है।

एटीसी चायपत्ती में खतरनाक रंग

15 सितंबर को श्यामगंज स्थित मैसर्स रिच इंडिया टी से लिया गया एटीसी चायपत्ती का नमूना जांच में असुरक्षित मिला। नमूने में सनसेट यलो रंग की उपस्थिति थी। यह सिंथेटिक फूड कलर है जो किडनी, लिवर और बोनमैरो को नुकसान पहुंचा सकता है।

हल्दी ऐसे जांचें

कांच के गिलास में गुनगुना पानी लेकर एक चम्मच हल्दी पाउडर डालें। बिना हिलाए हल्दी बैठ जाए और पानी हल्का पीला रहे, तो शुद्ध है। यदि पानी तुरंत गहरा पीला या नारंगी हो जाए व हल्दी पूरी तरह घुल जाए, तो कृत्रिम रंग की मिलावट है।

धनिया ऐसे जांचें

घर पर धनिया पाउडर की शुद्धता जांचने के लिए पानी का टेस्ट सबसे कारगर है। एक गिलास पानी में एक चम्मच धनिया पाउडर डालें। यदि पाउडर पानी की सतह पर है तो उसमें भूसी आदि की मिलावट है। शुद्ध धनिया पाउडर को पानी के नीचे बैठ जाना चाहिए।

मिर्च पाउडर ऐसे जांचें

कांच के गिलास में पानी भरकर एक चम्मच मिर्च पाउडर डालें। हिलाने पर मिर्च के नीचे लाल रंग की परत बहुत तेजी से नीचे बैठती है, तो कृत्रिम रंग या ईंट का पाउडर हो सकता है। मिर्च पानी की सतह पर ही रहती है या धीरे-धीरे बैठती है, तो यह शुद्ध हो सकती है। थोड़ी सी मिर्च पाउडर को हथेली पर अंगूठे से रगड़ें। यदि किरकिरापन महसूस हो, तो इसमें ईंट का चूर्ण है। चिकना या साबुन जैसा महसूस हो, तो इसमें सोपस्टोन हो सकता है।

ऐसे जांचें चायपत्ती

कांच के गिलास में ठंडे पानी में एक चम्मच चायपत्ती डालें। मिलावटी चाय तुरंत रंग छोड़ना शुरू कर देगी, जबकि असली चाय धीरे-धीरे रंग छोड़ेगी।

Previous post UP Top News Today: राहुल गांधी का कोर्ट में बयान दर्ज, 9 मार्च को होगी अगली सुनवाई
Next post बिहार के इंजीनियरिंग-पॉलिटेक्निक कॉलेजों में एआई की पढ़ाई मुफ्त, 52 हजार शिक्षकों की भी बहाली

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *