अमित शाह 25 फरवरी को बिहार दौरे पर आ रहे हैं, मकसद बेहद खास है; सीमा पर तैनात सैनिकों को देंगे तोहफा

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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बिहार आ रहे हैं। आगामी 25 फरवरी को उनका दौरा संभावित है। नेपाल सीमा से सटे चयनित वाइब्रेंट विलेज गांवों का वे दौरा करेंगे। गृहमंत्री वहां के विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे। उनके दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। अमित शाह सीमा पर तैनात सैनिकों को खास सौगात भी देने वाले हैं। ह मंत्री के आगमन पर चिकन नेक कॉरिडोर की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है। राज्यसभा चुनाव के लिए 26 फरवरी से नॉमिनेशन होना है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक अमित शाह अंतरराष्ट्रीय सीमा(नेपाल, बांग्लादेश) से सटे गांवों में जाएंगें। वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत इनका चयन किया गया है। अमित शाह एक सभा में लोगों को संबोधित भी करेंगे। नेपाल से सटे खुले बॉर्डर इलाके पर केंद्र सरकार की खास नजर है। गृहमंत्री नेपाल और बांग्लादेश से जुड़ी भारत की सीमा की रखवाली में जुटे सैनिकों को जल्द ही केंद्र सरकार ट्रांजिट कैंप का तोहफा देगी।

सीमावर्ती इलाका होने के कारण यहां हजारों की संख्या में सैनिकों की पोस्टिंग की गयी है। अधिकांश सैनिकों का कटिहार रेलवे जंक्शन से आना-जाना होता है। ऐसे सैनिकों की सुविधा के लिए कटिहार में ट्रांजिट कैंप (परागमन शिविर) का निर्माण किया गया है। यह कैंप सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की ओर से कटिहार रेलवे जंक्शन के करीब तैयार किया गया है।

इंडो-नेपाल सीमा से सटे एसएसबी 52वीं बटालियन के लेटी कैंप में 25 फरवरी को केन्द्रीय गृह मंत्री का दौरा प्रस्तावित है। हालांकि इस संबंध में सिकटी विधायक सह पूर्व आपदा प्रबंधन मंत्री विजय कुमार मंडल ने बताया कि गृहमंत्री श्री शाह 25 फरवरी को हैलीकाप्टर से लेटी पहुंचेंगे।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 26 फरवरी को किशनगंज का दौरा कर सकते हैं। इस दौरान वे स्थानीय अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक भी कर सकते हैं, जिसमें सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष चर्चा होने की संभावना है। शनिवार को दिशा की बैठक के बाद जिला परिषद सभागार के बाहर प्रदेश के उद्योग सह पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आगमन की जानकारी मिली है। अभी विस्तृत प्रोग्राम नहीं आया है। वहीं, डीएम विशाल राज ने कहा कि गृह मंत्री के आगमन को लेकर विस्तृत प्रोग्राम जारी होने के बाद ही निश्चित रूप से कुछ कहा जा सकता है।

संभावना जताई जा रही है कि केंद्रीय गृह मंत्री के आगमन पर चिकन नेक कॉरिडोर की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है। किशनगंज की सीमा नेपाल और बांग्लादेश से सटी होने के कारण भौगोलिक और सामरिक दृष्टि से जिला महत्वपूर्ण है। चिकन नेक कॉरिडोर भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को मुख्य भूमि से जोड़ने वाला संकरा गलियारा है, जिसकी सुरक्षा पर केंद्र सरकार का विशेष फोकस है।

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