भारत का इकलौता रेलवे स्टेशन, जहां ट्रेन के गुजरते ही बत्ती गुल हो जाती है; देखकर चकरा जाते हैं यात्री

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Railway Amazing Facts : भारतीय रेलवे आधुनिक तकनीकों के माध्यम से रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों की संरचना में उन्नत स्तर का सुधार कर रहा है। यही वजह है कि भारतीय रेल नेटवर्क के चर्चे अब देश ही नहीं बल्कि विदेश में भी हो रहे हैं। इस बात का प्रमाण उस वक्त मिलता है जब विदेशी टूरिस्ट भारत आकर यहां की हाईस्पीड ट्रेनों में सफर करते हैं। वे भारतीय ट्रेनों की सुविधाओं और रेलवे की संचालन पद्धति को देख काफी हैरत में पड़ जाते हैं। सोशल मीडिया पर इसके कई वीडियो वायरल होते रहते हैं जिनमें विदेशी टूरिस्ट भारतीय रेलवे और स्टेशनों की तारीफ करते दिखते हैं। हालांकि, कई पुराने रेलवे स्टेशन आज भी यात्रियों को हैरान कर देते हैं। हम बात कर रहे हैं एक ऐसे रेलवे स्टेशन की जहां से ट्रेन के गुजरते ही ट्रेन की बत्ती गुल हो जाती है। क्या आपको पता है कि, वो कौन सा रेलवे स्टेशन है ? यदि आप नहीं जानते हैं तो आज हम आपको उसका नाम और बत्ती गुल होने की वजह के बारे में बताएंगे।

भारतीय रेलवे स्टेशन क्यों मशहूर हैं ? 

सबसे पहले तो हम आपको बता दें कि, भारत में कई तरह के रेलवे स्टेशन हैं जो कि दुनिया भर में काफी ज्यादा मशहूर हैं। कोई रेलवे स्टेशन दो अक्षरों के नाम को लेकर फेमस है तो कोई 28 अक्षरों के नाम को लेकर फेमस है, कोई स्टेशन प्लेटफॉर्म की ज्यादा संख्या को लेकर फेमस है तो कोई प्लेटाफॉर्म के न होने की वजह से विख्यात है। समग्र रूप से देखें तो भारतीय रेलवे स्टेशन भारत की विविधता के जैसे ही प्रतीत होते हैं। कई भारतीय रेलवे स्टेशन अपनी ऐतिहासिक विरासत, भव्यता और ​अद्वितीय इंजीनियरिंग को लेकर दुनिया भर में फेमस हैं। मसलन, मुंबई का छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस जो कि विक्टोरियन गोथिक वास्तुकला के फेमस है और वहीं लखनऊ का चारबाग रेलवे स्टेशन शोरमुक्त इंजीनरिंग के लिए लोकप्रिय है।

किस स्टेशन पर आते ही ट्रेन की बिजली गुल होती है ​ 

गौरतलब है कि, कई सोशल मीडिया पोस्ट्स में दावा किया जाता है कि तमिलनाडु के चेन्नई के निकट स्थित ताम्बरम रेलवे स्टेशन देश इकलौता ऐसा रेलवे स्टेशन है जहां पर ट्रेन के गुजरते ही ट्रेन की बिजली गुल हो जाती है। ये देखकर प्लेटफॉर्म पर बैठे कई यात्री हैरत में पड़ जाते हैं तमाम अजीबोगरीब वजह बताते हैं। मगर हम आपको बताते हैं कि आखिर ऐसा क्यों है ?

ताम्बरम स्टेशन पर ट्रेन की  बिजली गुल क्यों होती है 

दरअसल, ताम्बरम स्टेशन ट्रेन की बिजली का जाना एक पावर जोन यानी न्यूट्रल सेक्शन के बदलने के कारण होता है। इसकी वजह से ही कुछ सेकंड के लिए इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कुछ सेकंड के लिए बंद होती है। बता दें कि, ताम्बरम के पास एक छोटा सा हिस्सा है जहां पर ओएचई (Overhead Equipment – OHE) में करंट नहीं होता है। ये दो अलग-अलग पावर सब स्टेशनों के बीच का एक न्यूट्रल सेक्शन है। चूंकि एक्सप्रेस ट्रेनों में बिजली की सप्लाई की व्यवस्था अलग होती है इसलिए उन पर इसका असर नहीं पड़ता है। मगर, जब लोकल ट्रेन एक बिजली जोन से दूसरे में प्रवेश करती है तो बिजली गुल हो जाती है।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

धुरंधर का नया रिकॉर्ड धुरंधर ने पहले तो उन फिल्मों की सूची में अपना नाम दर्ज कराया, जो बॉक्स ऑफिस पर 50 दिनों से भी ज्यादा समय तक सफलतापूर्वक टिकी रहीं और अब 4 करोड़ (40 मिलियन) टिकटों की बिक्री का बड़ा रिकॉर्ड बना लिया है। फिल्म की रिलीज के बाद से ही बड़ी संख्या में दर्शक इसे देखने पहुंच रहे थे और अब ओटीटी रिलीज के बाद नेटफ्लिक्स पर इसकी धूम जारी है। खास बात यह है कि धुरंधर ने ये कीर्तिमान ऐसे समय आया है, जब ‘धुरंधर 2’ का टीजर रिलीज हुआ है। धुरंधर की धूम रणवीर सिंह स्टारर 'धुरंधर' 5 दिसंबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और पहले दिन ही इसने करीब 30 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर लिया। फिल्म भले ही सबसे बड़ी ओपनिंग का रिकॉर्ड अपने नाम नहीं कर पाई, लेकिन वर्ड-ऑफ-माउथ के साथ सक्सेस का आदर्श उदाहरण बन गई। फिल्म की मजबूत कहानी, हाई-ऑक्टेन एक्शन और देशभक्ति से भरी इस फिल्म को दर्शकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। भारतीय सिनेमा की एलीट क्लब में हुई शामिल भारत में फिल्म के 4 करोड़ से अधिक टिकट बिक चुके हैं और इसी के साथ एक अनूठा माइलस्टोन हासिल कर लिया है और इसी के साथ भारतीय सिनेमा के एलीट क्लब में शामिल हो गई है। बता दें, धुरंधर 19वीं भारतीय फिल्म है, जिसने डॉमेस्टिक मार्केट में 40 मिलियन से अधिक फुटफॉल्स दर्ज किए हैं। बॉक्स ऑफिस इंडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म की निरंतर थिएट्रिकल रन और औसत टिकट प्राइस के आधार पर यह आंकड़े आधारित हैं। इन फिल्मों को छोड़ा पीछे फुटफॉल के मामले में ‘धुरंधर’ ने आमिर खान की ‘दंगल’ (3.7 करोड़) और ‘पीके’ (3.5 करोड़), शाहरुख खान की ‘कुछ कुछ होता है’ (3.5 करोड़), ‘कभी खुशी कभी गम’ (3.1 करोड़) और सनी देओल की ‘बॉर्डर’ (3.7 करोड़) को पीछे छोड़ चुकी है। यही नहीं, देव आनंद की ‘सीआईडी’ और राजकुमार की ‘लैला मजनूं’ जैसी क्लासिक्स फिल्में भी इससे पिछड़ गई हैं। Previous post Dhurandhar ने आमिर-शाहरुख और सनी देओल की फिल्मों को दी मात, सीक्वल से पहले कर दिखाया ये कमाल, रणवीर को होगा नाज
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