पनीर के दो नमूने जांच के लिए भेजे, मानक पर खरा नहीं मिला खाद्य तेल मौके पर कराया नष्ट
देवरिया। दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों में मिलावट पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बुधवार को विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर पनीर के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे। वहीं मानक के अनुरूप नहीं मिले खाद्य तेल को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया।
सहायक आयुक्त (खाद्य)-II हितेंद्र मोहन त्रिपाठी के निर्देशन में टीम ने गरुड़पार स्थित राजू पनीर प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पनीर निर्माण में किसी प्रतिबंधित खाद्य पदार्थ का प्रयोग होता नहीं मिला। हालांकि साफ-सफाई की व्यवस्था में सुधार के लिए प्रतिष्ठान संचालक को नोटिस जारी किया गया। पनीर में मिलावट की आशंका के चलते उसका नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया।
इसी क्रम में बरहज तहसील स्थित फूड जंक्शन रेस्टोरेंट से भी पनीर का नमूना लिया गया और जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। अधिकारियों के अनुसार प्रतिबंधित पदार्थों के निर्माण या बिक्री की पुष्टि होने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बार-बार गर्म किया तेल मिला अमानक
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जिला अस्पताल और महर्षि देवराहा बाबा मेडिकल कॉलेज के सामने स्थित धीरज, मीना, रुक्मिणी, नूरजहां, सर्वेश और संजीव मद्धेशिया के प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल हो रहे खाद्य तेल की भी जांच की। इसके लिए DOM-24 मशीन का इस्तेमाल किया गया।
धीरज के प्रतिष्ठान में इस्तेमाल किया जा रहा खाद्य तेल मानक के अनुरूप नहीं मिला। टीम ने तेल को मौके पर ही नष्ट करा दिया। साथ ही खाद्य कारोबारियों को तेल को बार-बार गर्म कर इस्तेमाल न करने और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता व स्वच्छता बनाए रखने के प्रति जागरूक किया।
जांच टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रेम चंद्र, श्रीराम यादव, घनश्याम वर्मा, राम सिंगार यादव, राजू पाल और नेहा त्रिपाठी शामिल रहे।
