सिस्टम की ‘गंदगी’ ने घोला पानी में जहर, 300 शिकायतों के बाद भी नहीं जागा निगम, 3 केस से समझें इंदौर कांड

Spread the love
रिपोर्ट-मिथिलेश गुप्ता, इंदौर
इंदौर जैसे शहर में, जिसे देश का सबसे स्वच्छ शहर कहा जाता है, अगर नल से ज़हर निकले तो इसे बदकिस्मती नहीं, सिस्टम की नाकामी ही कहा जाएगा. बीते लंबे समय से शहर के कई इलाकों में दूषित और गंदे पानी की सप्लाई लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बनी हुई है. हालात यह हैं कि सिर्फ दिसंबर महीने में ही 300 से ज्यादा शिकायतें नगर निगम तक पहुंचीं, लेकिन नतीजा शून्य रहा.
सबसे गंभीर हालात भागीरथपुरा (जोन-4) में सामने आए, जहां अकेले 23 से ज्यादा शिकायतें दर्ज की गईं. लोगों ने बार-बार चेताया कि पानी गंदा है, बदबूदार है, पीने लायक नहीं है. लेकिन अफसर मौके पर उतरने के बजाय फाइलों में ही समाधान खोजते रहे. और जब तक कागज़ आगे-पीछे होते रहे, तब तक ज़मीन पर हालात बिगड़ते चले गए.
Previous post जयशंकर ढाका जाकर भी बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस से क्यों नहीं मिले
Next post ब्यायफ्रेंड से शादी के लिए हाई टेंशन लाइन के टावर पर चढ़ गई लड़की, प्रेमी से कसम ली, परिवार से बात मनवाई तब उतरी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *