साल 1993 में जब दुनिया के ज्यादातर घरों में इंटरनेट तक उपलब्ध नहीं था, तब एक 10 साल के बच्चे ने चुपचाप एक ऐसा कदम उठाया, जिसने तीन दशक बाद अब इतिहास बना दिया है। उस बच्चे का नाम था- Arsyan Ismail। उसने अपनी मां के क्रेडिट कार्ड से केवल 300 रुपये में एक दो-अक्षरों वाला .com डोमेन- AI.com रजिस्टर किया। उस समय यह सिर्फ एक सिंपल ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन था, लेकिन बाद में यही कदम डिजिटल दुनिया की सबसे बड़ी डील में बदल गया।
मलेशिया में उस दौर में इंटरनेट का इस्तेमाल बेहद लिमिटेड था। Arsyan Ismail ने यह डोमेन कुछ सोचकर नहीं खरीदा था। रिपोर्ट्स की मानें तो उसने ‘AI’ नाम इसलिए चुना क्योंकि ये लेटर्स उसके नाम के शुरुआती लेटर्स से मेल खाते थे। यह ऑर्डर उस वक्त मासूमियम में किया गया था और उसे नहीं पता था कि यह फैसला कितना अच्छा और फायदे का कदम शामिल होने वाला है। डोमेन कई साल तक उसके पास रहा और इस पर कोई खास चर्चा नहीं हुई।
समय के साथ बदलती दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने ग्लोबल टेक स्पेस को बदल दिया है। स्टॉक ट्रेडिंग से लेकर चैटबॉट्स और ऑटोमेशन तक, AI हर क्षेत्र में केंद्रीय भूमिका निभा रहा है। जैसे-जैसे AI इंडस्ट्री का विस्तार हुआ, साथ ही साथ छोटे और दुर्लभ डोमेन नेम्स की कीमतें आसमान छूने लगीं। दो-अक्षरों वाले .com डोमेन बहुत लिमिटेड होते हैं और AI.com इस कैटेगरी में सबसे एलिजिबल नामों में गिना जाता है।
अप्रैल, 2025 में यह डोमेन लगभग 70 मिलियन डॉलर, यानी करीब 600 करोड़ रुपये में बेचा गया। खास बात यह रही कि पूरी रकम का भुगतान क्रिप्टोकरेंसी में किया गया। यह सौदा 2010 में CarInsurance.com की 49.7 मिलियन डॉलर की बिक्री के रिकॉर्ड से भी आगे निकल गया और अब तक की सबसे महंगी पब्लिकली रिपोर्ट की गई डोमेन डील बन गया है।
डोमेन को आधिकारिक रूप से Super Bowl LX के दौरान दोबारा लॉन्च किया गया, जहां Crypto.com ने ‘Agentic AI’ पर फोकस्ड एक नया प्लेटफॉर्म पेश किया। इस लॉन्च ने साफ कर दिया कि यह केवल एक डोमेन की सेल नहीं थी, बल्कि AI और क्रिप्टो टेक के कॉम्बिनेशन का सबसे ऐतिहासिक पल था। कुल मिलाकर शायद ही कभी कोई ऐसी डील हुई हो, जब अनजाने में खरीदे गए डोमेन को करोड़ों की वैल्यू के साथ बेचा गया है।
