पीएम मोदी 21 फरवरी को पहली सेमीकंडक्टर यूनिट का करेंगे शिलान्यास, सीएम योगी ने सदन में किया ऐलान

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यूपी को देश के सेमीकंडक्टर केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में 21 फरवरी को ऐतिहासिक कदम उठाया जाएगा। गौतम बुद्ध नगर के यीडा क्षेत्र में इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड के सेमीकंडक्टर संयंत्र का शिलान्यास पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे। यह घोषणा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर सदन को संबोधित करने के दौरान की।

यह संयुक्त उद्यम एचसीएल ग्रुप और फॉक्सकॉन टेक्नोलॉजी ग्रुप द्वारा स्थापित किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़ेंगे जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव परियोजना स्थल पर उपस्थित रहेंगे। यीडा क्षेत्र के सेक्टर 28 में 48 एकड़ भूमि पर होने जा रहा शिलान्यास कार्यक्रम उत्तर प्रदेश को सेमीकंडक्टर विनिर्माण के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

यह परियोजना भारत सरकार के सेमीकंडक्टर मिशन और यूपी सरकार के सहयोग से स्थापित की जा रही है। यह देश की पहली डिस्प्ले ड्राइवर इंटीग्रेटेड सर्किट (डीडीआईसी) ओसैट (आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्टिंग) सुविधा होगी, जहां चिप्स की उन्नत पैकेजिंग, संयोजन और परीक्षण किया जाएगा। डीडीआईसी चिप्स का उपयोग मोबाइल, टीवी, लैपटॉप और ऑटोमोबाइल डिस्प्ले में होता है। वर्तमान में इनकी आपूर्ति के लिए भारत काफी हद तक आयात पर निर्भर है। यह संयंत्र घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देकर आयात निर्भरता कम करेगा, निर्यात क्षमता बढ़ाएगा और उत्तर प्रदेश में उच्च-प्रौद्योगिकी आधारित औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाएगा।

परियोजना भारत के सकल घरेलू उत्पाद में हर साल लगभग 45 हजार करोड़ का योगदान देने में सक्षम होगी। यह निवेश उच्च मूल्य विनिर्माण को बढ़ावा देकर देश की आर्थिक वृद्धि को नई गति प्रदान करेगा। परियोजना के माध्यम से यूपी में लगभग 3 हजार प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है, जिससे स्थानीय युवाओं को तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्रों में नए अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही, सहायक उद्योगों, लॉजिस्टिक्स, आपूर्ति श्रृंखला और सेवा क्षेत्रों में भी व्यापक रोजगार सृजन होगा, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।

इस परियोजना के तहत उत्कृष्टता केंद्र, उन्नत अनुसंधान केंद्र और अत्याधुनिक सिमुलेशन प्रयोगशालाओं की स्थापना की जाएगी जो सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवाचार को गति देगी। इन संस्थानों में चिप डिजाइन, पैकेजिंग तकनीक, परीक्षण मानक और विश्वसनीयता विश्लेषण पर विशेष कार्य होगा। स्थानीय विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों के सहयोग से छात्रों और युवाओं को विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से उद्योगोन्मुख कौशल प्रदान किए जाएंगे। इससे प्रदेश में उच्च-प्रौद्योगिकी आधारित औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत होगा और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में दीर्घकालिक आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा।

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