देवरिया। भाटपार रानी तहसील क्षेत्र के चकिया कोठी चौराहा पर चल रहे 11 दिवसीय श्रीसीताराम नाम जाप महायज्ञ के तीसरे दिन रविवार को कथावाचक पं० घनश्यामानन्द ओझा ने शिव विवाह का प्रसंग भोजपुरी में प्रस्तुत कर सबको भावविभोर कर दिया।कथा सुनकर श्रोता झूम उठे।कथावाचक ने कहा कि शिवजी की बरात अनोखी थी।बरातियों को देखकर लोग डर गए।पार्वती जी की सखियां उन्हें कोसने लगीं, लेकिन उन्होंने शिव जी से ही विवाह करने का प्रण कर लिया था।कथावाचक ने कथा के बीच-बीच मे अपना गीत प्रस्तुत कर सबको आनन्दित कर दिया।उन्होंने जब विवाह गीत प्रस्तुत किया तो श्रोता झूम उठे।वहीं कथावाचक कुलदीप जी महाराज व दिलीप कृष्ण भारद्वाज ने भी कथा का रसपान कराया।उन्होंने राम नाम की महिमा पर प्रकाश डाला।उन्होंने कहा कि कलयुग में राम नाम का जप मोक्षदायिनी है।महायज्ञ के संचालक मिथिला धाम सीतामढ़ी से पधारे संत बालक राघवेंद्र दास ने सबको धन्यवाद दिया।उन्होंने कहा कि इस यज्ञ को सफल बनाने में पूरा क्षेत्र का योगदान है।यहां भारी संख्या में श्रद्धालुगण मौजूद रहे।
