रिकी पोंटिंग ने बताया कैसे सूर्यकुमार यादव के एक भरोसे ने टीम इंडिया को दिला दी वर्ल्ड कप की ट्रॉफी

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ऑस्ट्रेलिया की टीम के पूर्व महान कप्तान रिकी पोंटिंग ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सूर्यकुमार यादव की कप्तानी को लेकर बात की। रिकी पोंटिंग ने कहा है कि भले ही वह बल्ले से कमाल नहीं दिखा पाए, लेकिन जिस तरह से उन्होंने टीम को लीड किया, उसके लिए उनकी तारीफ बनती है। रिकी पोंटिंग ने ये भी कहा कि नंबर वन बैटर अभिषेक शर्मा और ओपनर संजू सैमसन फॉर्म में नहीं थे तो उस समय सूर्या ने कैसे इनसे बात की होगी? ये बड़ा सवाल है।

भारतीय टीम टूर्नामेंट की पसंदीदा था, लेकिन जब साउथ अफ्रीका से सुपर 8 के मैच में टीम को हार मिली तो फिर टीम के सेमीफाइनल में जाने की उम्मीदों को भी झटका लगा था। वहां से कप्तान सूर्या ने कोच गौतम गंभीर के साथ मिलकर कॉम्बिनेशन बदला और फिर टीम इंडिया लगातार दो सुपर 8 के मैच, सेमीफाइनल और फिर फाइनल जीतकर तीसरी बार विश्व चैंपियन बन गई। लगातार दूसरी बार टी20 विश्व कप जीतने वाला भारत पहला देश बना है। हालांकि, इस बीच कप्तान की फॉर्म डामाडोल रही।

रिकी पोंटिंग ने आईसीसी रिव्यू में संजना गणेशन के साथ बातचीत में कहe कि कप्तानी का असली मापदंड बंद दरवाजों के पीछे होता है। उन्होंने कहा, “यह इस बारे में ज्यादा है कि वे मैदान के बाहर क्या करते हैं, वे चीजें जो लोग नहीं देखते और वे अपने खिलाड़ियों के साथ कैसे इंटरैक्ट करते हैं। एक खिलाड़ी के तौर पर उनका खुद का समय बहुत अच्छा नहीं रहा, लेकिन फिर भी वह आखिर में वर्ल्ड कप ट्रॉफी पकड़े खड़े हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “एक पुराने कप्तान के तौर पर मैं जानता हूं कि जब आप अपनी सबसे अच्छी बैटिंग नहीं कर रहे होते हैं, तो कप्तानी सच में मुश्किल हो सकती है और जब आप अच्छी बैटिंग कर रहे होते हैं, तो कप्तानी सच में आसान हो सकती है। यह देखना वाकई दिलचस्प होता कि पिछले कुछ हफ्तों में सूर्या ने अभिषेक (शर्मा) और संजू (सैमसन) के साथ कैसे बातचीत की होगी। यहीं पर सच्ची लीडरशिप की असली कहानियां सामने आएंगी।”

अभिषेक शर्मा की शुरुआत टी20 वर्ल्ड कप 2026 में नंबर वन बल्लेबाज के तौर पर हुई थी, लेकिन पहली तीन पारियों में उनका खाता नहीं खुला था। इसके बाद 15, 10 और 9 का स्कोर भी आया। इस दौरान एक अर्धशतक भी उन्होंने बनाया, जो जिम्बाब्वे के खिलाफ था। हालांकि, फाइनल में 21 गेंदों में 52 रनों की पारी से सब बदल गया। संजू सैमसन शुरुआत में प्लेइंग इलेवन में नहीं थे। आखिरी में उन्हें मौका मिला। 97 रनों की पारी सुपर 8 के आखिरी मैच में खेली, जो वर्चुअल नॉकआउट था। इसके बाद सेमीफाइनल और फाइनल में भी 89-89 रनों की पारी खेलकर उन्होंने प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब जीता।

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