देवरिया। तहसील क्षेत्र के चकिया कोठी चौराहा पर आयोजित ग्यारह दिवसीय श्री सीताराम नाम जाप महायज्ञ की पूर्णाहुति सोमवार को विधि-विधान के साथ सम्पन्न हो गई। पूर्णाहुति के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना रहा।
बताया जाता है कि महायज्ञ के आयोजन की शुरुआत 6 मार्च को भव्य कलश यात्रा के साथ हुई थी। इसके बाद प्रतिदिन नाम जाप, प्रवचन और परिक्रमा का क्रम चलता रहा। आयोजन स्थल पर बनाए गए 108 जाप कुंज, हवन कुंड, जापकों के लिए निवास स्थल तथा स्थापित मूर्तियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं।
महायज्ञ के आयोजन की औपचारिक शुरुआत 25 नवंबर को ध्वजारोहण के साथ हुई थी। तभी से यहां लगातार नाम जाप का क्रम चल रहा था। आयोजन की तैयारियों से लेकर पूर्णाहुति तक का नेतृत्व मिथिला धाम सीतामढ़ी से पधारे संत बालक राघवेंद्र दास ने किया।
महायज्ञ में क्षेत्र के लोगों के साथ-साथ बिहार, झारखंड और नेपाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। ग्यारह दिनों तक यहां मेले जैसा माहौल बना रहा और श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से कार्यक्रम में भाग लिया।
