देवरिया। पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ परिसर की दिशा में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने बड़ा कदम उठाया है। राज्यपाल एवं कुलाधिपति के निर्देशों के अनुपालन में विश्वविद्यालय ने संबद्ध महाविद्यालयों को सिंगल-यूज प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए टास्क फोर्स का गठन किया है। यह समिति नियमित रूप से कॉलेजों का निरीक्षण कर प्लास्टिक के उपयोग पर रोक करेगी और हर माह अनुपालन रिपोर्ट विश्वविद्यालय को सौंपेगी।
कार्यालय आदेश के अनुसार देवरिया जनपद के लिए बीआरडी पीजी कॉलेज के प्राचार्य, कुशीनगर के लिए बुद्ध पीजी कॉलेज के प्राचार्य तथा गोरखपुर के लिए डीएवी पीजी कॉलेज के प्राचार्य को जिम्मेदारी सौंपी गई है। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी भी टास्क फोर्स के सदस्य होंगे।
इस सम्बन्ध में बीआरडी पीजी कालेज के प्राचार्य डा. प्रताप नारायण सिंह ने बताया कि राज्यपाल सचिवालय के निर्देशों के अनुसार विश्वविद्यालय, संबद्ध महाविद्यालय, छात्रावास, कैंटीन और प्रशासनिक भवनों में प्लास्टिक की बोतल, कप, प्लेट, चम्मच और पॉलीथीन बैग जैसे सिंगल-यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक रहेगी। इसके स्थान पर कुल्हड़, कागज या पत्तों से बने बर्तन, जूट या कपड़े के थैले तथा स्टील और कांच के बर्तनों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। आगे बताया कि
नए शैक्षणिक सत्र में छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को प्लास्टिक मुक्त परिसर की शपथ दिलाई जाएगी। परिसर में जागरूकता बोर्ड लगाए जाएंगे, गीले और सूखे कचरे के लिए अलग-अलग डस्टबिन की व्यवस्था होगी तथा प्लास्टिक कचरे के रीसाइक्लिंग की भी व्यवस्था की जाएगी। साथ ही प्रत्येक सप्ताह एक दिन विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर परिसर को स्वच्छ और हरित बनाए रखने पर जोर दिया जाएगा।
