यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बुधवार घुसपैठियों के खिलाफ यूपी में अभियान चलाने और हर मंडल में एक डिटेंशन सेंटर तैयार किए जाने का फरमान जारी होते ही लखनऊ महापौर सुषमा खर्कवाल भी ऐक्शन मोड में नजर आईं। बीते बुधवार राजधानी में अवैध झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले लोगों के दस्तावेजों कि जांच की गई गुरुवार नगर निगम के जोन 7 अंतर्गत गुडंबा थाने के पास बहादुरपुर क्षेत्र में पहुंच एक एक का आधार कार्ड ओर एनआरसी की जांच-पड़ताल कर ही रहीं थी इस दौरान एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई, महापौर सुषमा खर्कवाल ने दावा किया है कि उनके द्वारा कि जा रही जांच पड़ताल के दौरान दस्तावेजों कि मांग करते ही 160 सफाई कर्मचारी भाग निकले। जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि लखनऊ में बड़ी संख्या में संदिग्ध बांग्लादेशी रह रहे हैं। उन सभी के आधार चेक किए जा रहे हैं। वही महापौर ने 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है अगर “दस्तावेज नहीं तो खाली करो क्षेत्र”
झुग्गी झोपड़ी में विद्युत संयोजन पर चढ़ा पारा
झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले को बिजली कनेक्शन दिए जाने पर सुषमा खर्कवाल का पारा चढ़ गया और विभाग को खरी खोटी कह डाली वही मौके से एसडीओ और जेई गायब हो गए चेतावनी देते हुए मेयर ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो मैं एसडीओ के कार्यालय पर धरना दूंगी।
वहीं स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि राजनीतिक संरक्षण से तैयार की गई अवैध बस्तियों में रहने वालों के निर्वाचन कार्ड भी बनाए गए है बहादुरपुर की कार्यवाही के बाद पूरे लखनऊ में हड़कंप मच गया है अब दूसरे इलाकों में भी अभियान चलाया जाएगा।
