देवरिया। पंचायत सहायकों की तकनीकी दक्षता और कार्यकुशलता को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पंचायती राज विभाग की ओर से राष्ट्रीय ग्राम अभियान योजनांतर्गत चार दिवसीय अनावासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण देवरिया स्थित उमा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में विकासखंड गौरीबाजार के पंचायत सहायक/एकाउंटेंट कम डाटा एंट्री ऑपरेटरों के लिए आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान सतत विकास लक्ष्य, पंचायती राज व्यवस्था, ई-ग्राम स्वराज, पीएफएमएस तथा अन्य विभागीय पोर्टलों से जुड़े तकनीकी विषयों पर विशेष जोर दिया गया, ताकि ग्रामीण विकास कार्यों में पारदर्शिता और गति लाई जा सके। द्वितीय दिवस प्रशिक्षण को संबोधित करते हुए उपनिदेशक हिमांशु शेखर ठाकुर ने कहा कि पंचायतें भारत के विकास की मजबूत नींव हैं और सहकारिता के माध्यम से गांवों में जीवन स्तर सुधारने का कार्य कर रही हैं। उन्होंने पंचायत सहायकों से निष्पक्ष एवं ईमानदारी से सेवाएं देने तथा प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने का आह्वान किया।
डीपीआरसी सह प्रबंधक ब्रजेश नाथ तिवारी ने कहा कि इस प्रशिक्षण से पंचायत सहायकों को पंचायती राज व्यवस्था और उससे जुड़े पोर्टलों की व्यावहारिक जानकारी मिलेगी, जिससे पंचायत सचिवालय की सेवाएं आम जनमानस तक प्रभावी रूप से पहुंच सकेंगी। प्रशिक्षक चेतन चौहान ने ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी), ई-मेल निर्माण, वर्ड व एक्सेल तथा ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर कार्य योजना अपलोड करने का प्रशिक्षण दिया।
इस अवसर पर अजय पाण्डेय, दिनेश सहित अन्य वक्ताओं ने भी मार्गदर्शन किया।
