योगी सरकार ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वच्छ पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराएगी। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सोमवार को राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन शीर्ष समिति की पांचवीं बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि इनमें पेयजल कनेक्शन अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं जाएं। बैठक में जल जीवन मिशन के अंतर्गत योजनाओं के निर्माण कार्य के लिए एजेंसियों के साथ किए गए अनुबंधों की समयावधि को दिसंबर 2027 तक बढ़ाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।
मुख्य सचिव ने कहा कि जल जीवन मिशन के शेष काम तय मानकों व गुणवत्ता के साथ तेजी से पूरा कराएं। ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों को नल कनेक्शन दिया जाए। इसकी सूची उपलब्ध कराते हुए प्राथमिकता पर कनेक्शन दिए जाएं। प्राथमिकता वाले क्षेत्रों, जैसे बाढ़ व सूखा प्रभावित क्षेत्र, जेई, एईएस प्रभावित जिलों, सांसद आदर्श ग्राम व अनुसूचित जाति/जनजाति बहुल क्षेत्रों में योजनाओं के काम को वरीयता पर पूरा कराने के निर्देश दिए।
जल गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जल जीवन मिशन (जल गुणवत्ता अनुश्रवण एवं निगरानी) कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश के सभी गांवों में प्रशिक्षित महिलाओं के माध्यम से समुदाय स्तर पर जल परीक्षण के लिए किट दिए जाएं। दूषित नमूनों पर त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में बताया गया कि सभी 75 जिलों के कुल 97,070 राजस्व ग्रामों को पाइप पेयजल योजना काम हुआ है प्रदेश के 2,67,20,930 ग्रामीण परिवारों में 30 नवंबर 2025 तक 2,42,74,000 (90.84%) को नल कनेक्शन दिया गया। ग्रामीण क्षेत्रों के 1,16,524 विद्यालयों में से 1,16,340 (99.84%) तथा 1,56,304 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 1,55,136 (99.25%) को नल कनेक्शन दिया गया है। बैठक में अपर मुख्य सचिव नमामि गंगे अनुराग श्रीवास्तव, प्रबंध निदेशक जल निगम (ग्रामीण) डॉ. राज शेखर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।
