लोकतंत्र की मजबूती के लिए यह एक अच्छा संकेत है कि जनता खुद ही चुनाव में भ्रष्ट आचरण और गड़बड़ी करने वालों को सबक सीखने के लिए आगे आ रही है। लोकसभा चुनाव की घोषणा के बाद से अब तक चुनाव आयोग के पास जनता की ओर से पहुंची 79 हजार से अधिक शिकायतों से उनकी जागरूकता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। लोकतंत्र की मजबूती के लिए यह एक अच्छा संकेत है, कि जनता खुद ही चुनाव में भ्रष्ट आचरण और गड़बड़ी करने वालों को सबक सीखने के लिए आगे आ रही है। लोकसभा चुनाव की घोषणा के बाद से अब तक चुनाव आयोग के पास जनता की ओर से पहुंची 79 हजार से अधिक शिकायतों से उनकी जागरूकता का अंदाजा लगाया जा सकता है। यह स्थिति तब है, जब अभी मतदान शुरू नहीं हुआ है।
19 अप्रैल से होगी मतदान की शुरुआत
सात चरणों में होने वाले लोकसभा चुनाव में मतदान की शुरुआत 19 अप्रैल से होगी। चुनाव में जनता के इस जुड़ाव को बढ़ाने के पीछे आयोग की पहल है। जिसने चुनाव आयोग को निष्पक्ष व प्रलोभन मुक्त कराने के लिए जनता को जिम्मेदार बनाते हुए सी-विजिल नाम से एक ऐप तैयार किया है।
इसके तहत कोई भी व्यक्ति फोटो के साथ अपनी शिकायत दर्ज कर सकता है। शिकायत के साथ ही उस स्थान का जियो-टैगिंग भी हो जाती है। इससे उस स्थान तक पहुंचने में आसानी होती है। खास बात यह है कि इन शिकायतों पर सौ मिनट के भीतर कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाती है।
79 हजार से ज्यादा शिकायतें दर्ज
चुनाव आयोग के मुताबिक, लोकसभा चुनाव की घोषणा के बाद से अभी तक 79 हजार से ज्यादा शिकायतें दर्ज हो चुकी है। इनमें से 99 प्रतिशत शिकायतों का निपटारा कर दिया गया है, इनमें 89 प्रतिशत शिकायतों का निपटारा सौ मिनट के भीतर कर दिया गया। कुछ शिकायतों पर नोटिस जारी कर जवाब मांगे गए है। कुल शिकायतों में 73 फीसद यानी 58,500 शिकायतें अवैध होर्डिंग, पोस्टर व बैनरों से जुड़ी हुई थी। वहीं, 14 सौ शिकायतें पैसे, उपहार और शराब बांटने से जुड़ी थी।
शिकायतों पर आयोग की 24 घंटे नजर
इसके साथ 535 शिकायतें हथियारों के प्रदर्शन व धमकी देने और करीब एक हजार शिकायतें तय समय के बाद भी यानी देर रात तक प्रचार करने और स्पीकर का उपयोग करने आदि से जुड़ी थी। आयोग के मुताबिक, जनता से मिलने वाली शिकायतों पर वह 24 घंटे नजर रख रही है। तय समय में कार्रवाई कर उन्हें निष्पक्ष चुनाव का भरोसा भी दे रही है।
सी-विजिल के जरिए इस तरह होती है कार्रवाई
- पहला पड़ाव- शिकायत के पांच मिनट के भीतर जिला निर्वाचन अधिकारी तुरंत मैदानी अमले को जांच के लिए निर्देशित करता है।
- दूसरा पड़ाव- अगले 15 मिनट में मैदानी अमला मौके पर पहुंचेगा।
- तीसरा पड़ाव- इसके अगले 30 मिनट में मैदानी अमला कार्रवाई करके उसकी रिपोर्ट देगा।
- चौथा पड़ाव – अगले 50 मिनट में जिला निर्वाचन अधिकारी रिपोर्ट को देखने के बाद उसे या तो बंद करेगा, फिर उसे कार्रवाई के आगे भेजेगा। दोनों ही स्थितियों में शिकायतकर्ता को सूचित किया जाएगा।

