ईडी की जब्त संपत्ति का क्या होता है, जिसे गरीबों के बीच बांटने की बात कर रहे हैं – ABP न्यूज़

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चुनावी सीजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर से बड़ा दावा किया है. पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर लोकसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार अमृता रॉय से बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा है कि ईडी के जब्त पैसे को मैं गरीबों के बीच बांटना चाहता हूं.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक प्रधानमंत्री ने कहा कि कि मैं आपसे से एक सलाह ले रहा हूं कि बंगाल में ईडी वालों ने करीब 3,000 करोड़ रुपये इनका अटैच किया हुआ है. ये पैसा गरीब लोगों का है और मेरी इच्छा है कि मैं उन्हें यह वापस कर दूं.
पीएम मोदी ने आगे कहा- बीजेपी के लोग बंगाल की जनता को यह जरूर बताएं कि ईडी के पास जो पैसे हैं, वो उन्हें जरूर मिलेंगे. चुनाव बाद अगर हमारी सरकार बनती है, तो हम इसको लेकर कानून भी बनाएंगे. 
ED की कार्रवाई से कितने रुपए जब्त हुए?
केंद्र सरकार ने साल 2022 में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई को लेकर एक डेटा शेयर किया. इस डेटा के मुताबिक साल 2004-14 तक ईडी ने 112 रेड मारे थे, जो 2014 से 2022 तक बढ़कर 3,000 के पार पहुंच गया.
केंद्र के मुताबिक 2014-22 तक ईडी की टीम ने करीब 99,356 करोड़ रुपए जब्त किए. 
वित्त मंत्रालय के मुताबिक जिन मामलों में ईडी ने छापेमारी की कार्रवाई की, उनमें से 23 मामलों में आरोपी व्यक्ति और संस्था को कोर्ट ने भी दोषी ठहराया. मंत्रालय के मुताबिक कोर्ट से दोषी ठहराए जाने की वजह से सरकार को  869.31 करोड़ रुपए मिले.
2022 से 2024 का डेटा ईडी की ओर से नहीं दिया गया है. वहीं प्रधानमंत्री मोदी के मुताबिक ईडी ने 3,000 करोड़ रुपए पश्चिम बंगाल से जब्त किए हैं.
पहले पैसे जब्ती की प्रक्रिया को जानिए
धनशोधन कानून (पीएमएलए) में ईडी को पैसे जब्ती का अधिकार दिया गया है. ईडी जब छापेमारी की कार्रवाई करती है, तब उसे जो भी रुपए या सामान मिलते हैं, वो उसका रिपोर्ट तैयार करवाती है. इस रिपोर्ट पर आरोपी व्यक्ति के साथ-साथ ईडी के इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर हस्ताक्षर करते हैं. 
रिपोर्ट तैयार होने के बाद ईडी पैसों को बैंक में अकाउंट खुलवाकर जमा करवा देती है. साथ ही रेड के दौरान मिले समान को लिफाफे में डालकर लॉकर में रख दिया जाता है. 
बिजनेस स्टैंडर्ड अखबार के मुताबिक ईडी उन संपत्तियों को ही जब्त करती है, जिसका स्रोत बताने में आरोपी नाकाम रहते हैं. 
उदाहरण के लिए रेड के दौरान किसी आरोपी के घर से अगर 5 लाख रुपए मिलते हैं और आरोपी उस पैसे का स्रोत बताने में सफल रहता है, तो उसका रुपया जब्त नहीं किया जा सकता है. स्रोत बताने में असफल रहने पर पैसा जब्त कर लिया जाता है. 
जब्त पैसे को जांच एजेंसी के पर्सनल डिपॉजिट अकाउंट में जमा किया जाता है.
बड़ा सवाल- ईडी इन पैसों का क्या करती है?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि ईडी इन जब्त पैसों का क्या करती है? इस सवाल को विस्तार से जानते हैं-
1. कोर्ट के फैसले का इंतजार किया जाता है. कोर्ट अगर आरोपी के पैसे को सही मान लेती है, तो ईडी उस पैसे को उसके मालिक को लौटा देती है.
2. कोर्ट में पैसा अगर गलत माना जाता है, तो ईडी उस पैसे को केंद्र सरकार के पास भेज देती है. केंद्र के पास जाने वाले इस पैसे को पब्लिक मनी कहा जाता है.
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में एक आदेश में कहा है कि छापेमारी के 365 दिन के भीतर अगर प्रवर्तन निदेशालय आरोप साबित कर पाने में नाकाम रहती है, तो उसे जब्त समान लौटाने होंगे. कोर्ट ने यह फैसला भूषण पावर एंड स्टील लिमिटेड (BPCL) के महेंद्र कुमार खंडेलवाल की दायर याचिका पर सुनाया था. 
जानकारों का कहना है कि कोर्ट ने यह फैसला PMLA के सेक्शन 8(3) के तहत दिया था, जिसमें संपत्ति को सीज करने और उसके टाइम पीरियड का जिक्र है. 

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