योगी सरकार ने इन डिफॉल्टरों को दी बड़ी राहत, ओटीएस का ऐलान; नहीं लगेगा दंड ब्याज

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योगी आदित्यनाथ सरकार के आवास विभाग ने उत्तर प्रदेश में घर खरीदारों को बड़ी राहत देते हुए विकास प्राधिकरणों और आवास विकास परिषद के डिफॉल्टरों के लिए ‘एकमुश्त समाधान योजना’ (One Time Settlement-OTS) शुरू करने का निर्णय लिया है। मंगलवार को लोकभवन में सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस योजना के प्रस्ताव पर फैसला लिया गया। बैठक में प्रदेश के विकास और सुशासन से जुड़े विभिन्न विभागों से संबंधित 30 प्रस्तावों पर योगी कैबिनेट ने अपनी मुहर लगाई। ओटीएस का सीधा लाभ यूपी के करीब 19 हजार डिफॉल्टरों को मिलेगा। ये वे डिफॉल्टर हैं जो ब्याज और जुर्माने के चलते अपने बकाए का भुगतान नहीं कर पा रहे थे।

इसके अलावा पीएम आवास योजना (शहरी) और मुख्यमंत्री विस्तारीकरण योजना के तहत आठ शहरों में ‘अफोर्डेबल हाउसिंग’ प्रोजेक्ट्स के लिए भी बजट को स्वीकृति दी गई है। इसमें पैसा जमा करने के लिए तीन महीने का समय दिया जाएगा। पीएम आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत किफायती आवास (AHP) और किफायती किराया आवास (ARH) घटकों के क्रियान्वयन के लिए नई नीति और दिशा-निर्देशों को मंजूरी भी मंगलवार को योगी कैबिनेट ने दी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत बरेली, वाराणसी, चित्रकूट, उरई, गाजीपुर, मऊ, प्रतापगढ़ और बांदा में विकास के लिए धनराशि स्वीकृत की गई।

एकमुश्त समाधान योजना यूपी के विकास प्राधिकरणों और आवास विकास परिषद के डिफॉल्टरों के लिए लाई गई है। इसके तहत भुगतान के लिए आवेदन करने वाले बकायेदारों से दंड ब्याज नहीं लिया जाएगा। केवल डिफॉल्ट राशि का ब्याज देना होगा। तीन महीने आवेदन और तीन महीने पैसा जमा करने के लिए मिलेंगे। यदि कुल धनराशि 50 लाख रुपए से कम है तो चार महीने में जमा करनी होगी। यदि 50 लाख से ज्यादा है तो छह महीने में जमा करनी होगी। पहला महीना जोड़कर सात महीने में।

एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) के तहत भी तय समय में भुगतान नहीं करने वाले डिफॉल्टरों के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई की जा सकती है। वहीं आवेदन निस्तारण में अनावश्यक देरी पर संबंधित अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की जाएगी। ओटीएस योजना आने के बाद भी भुगतान न करने वाले डिफॉल्टरों की संबंधित संपत्ति जब्त हो सकती है। बताया जा रहा है कि आवास विभाग की इस ओटीएस योजना से समय पर किस्त न जमा करने वाले प्रदेश के 19 हजार से अधिक आवासीय संपत्ति खरीदारों को फायदा होगा। वे दंड ब्याज माफी योजना का लाभ उठाते हुए अपने बकाये का भुगतान करके अपनी संपत्तियों को सुरक्षित कर सकेंगे।

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