यूपी के बहराइच में सीएम योगी आदित्यनाथ ने भरथापुर गांव के नाम से पुनर्वासित की जा रही कॉलोनी का नाम भरतपुर रखा है। उन्होंने कहा कि वनवास के दौरान भगवान राम की जगह भरत ने गद्दी संभाली थी और भाई-भाई के बीच प्रेम का संदेश दिया था। उन्हीं के नाम पर कॉलोनी होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चैत्र नवरात्र में ही भगवान राम युद्ध जीत गए अयोध्या अपने भाई भारत से मिलने आए थे। दोनों में भाई का प्रेम दिखा। आज ग्राम भरतपुर के लोग का विस्थापन सेमरहना में किया जा रहा है। सिमरन और भरतपुर के लोगों के बीच भाई जैसा प्रेम रहे इसलिए इस कॉलोनी का नाम भरतपुर रखा जाए। कॉलोनी में सीसी रोड, लाइट, बिजली, पानी, अन्नपूर्णा भवन, आंगनवाड़ी केन्द्र और स्कूल होंगे। इंटरलाकिंग, पानी पाइप लाइन और दूसरे विकास कार्यों के लिए अलग अलग मदों में धनराशि आवंटित की है। उन्होंने कहा कि जो बच्चे बिजली पानी सड़क नहीं जानते हैं। वन्यजीवों, मगरमच्छ और क्रोकाडाइल के बीच जीवन बसर करने वालों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं दी जाएं। खाते में पैसे ट्रांसफर हो गए हैं।
डीएम को निर्देश दिया कि 748 वर्ग फुट जमीन में आवास बेतरतीब नहीं बने। कालोनी का नमूना मंच पर दिखाया गया। उन्होंने कहा कि समय सीमा के अंदर कार्य हो जाएं। इसके लिए अभियान चलाया जाए। शारदीय नवरात्र में गृह प्रवेश हो सके। पैसे की कमी नहीं। डबल इंजन सरकार आपके हितों के लिए कर रही है। सीएम ने कहा कि बहराइच के छह वन ग्रामों को राजस्व गांवों के रूप में दर्जा दे दिया गया है। बहराइच, गोंडा, बलरामपुर, गोरखपुर, महारागंज, श्रावस्ती आदि जिलों में वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों के रूप में दर्जा दिया जा रहा है। ऐसे अन्य गांवों को भी शासन की सुविधाओं से आच्छादित किए जाने की योजना है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने राम नवमी पर उत्सव जैसे माहौल पर कहा कि देवी मंदिरों में भारी भीड़ जुट रही है। अब त्योहारों पर सड़कों पर उत्सव जैसा माहौल रहता है। 2017 से पहले सन्नाटा रहता था। लोग दंगाइयों और माफियाओं को प्रश्रय देते थे। अब,मां पाटेश्वरी, मां ललिता देवर, मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए लाखों लोग आ रहे हैं। भारत से ही नहीं नेपाल से भी आ रहे। राम नवमी पर अयोध्याा में भीड़ बढ़नी शुरू हो गई।
