देवरिया। जनपद के बरहज नगर में लखनऊ से पहुंची विजिलेंस टीम ने नगर पालिका की पूर्व अध्यक्ष रेनू जायसवाल के ठिकानों पर छापेमारी कर आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच तेज कर दी।
सूत्रों के अनुसार, विजिलेंस टीम ने उनके आवास के साथ-साथ रजिस्ट्री कार्यालय और नगर पालिका के अभिलेखों को खंगालते हुए कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच की। कार्रवाई देर शाम तक चलती रही, जिससे पूरे इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।
बताया जा रहा है कि रेनू जायसवाल वर्ष 2001 से 2006 तक नगर पालिका गौरा बरहज की अध्यक्ष रही हैं। उनके खिलाफ वर्ष 2002 में आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत दर्ज हुई थी, जिस पर अब लखनऊ मुख्यालय से जांच तेज कर दी गई है।
विजिलेंस टीम मुख्य सतर्कता अधिकारी कमलेश यादव के नेतृत्व में सबसे पहले उनके आवास पर पहुंची, लेकिन उस समय वह घर पर मौजूद नहीं थीं। इसके बाद टीम ने रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचकर चल-अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की। नगर पालिका कार्यालय में भी अभिलेखों की पड़ताल की गई।
सूत्र बताते हैं कि फिलहाल जांच प्रारंभिक चरण में है। दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो संबंधित के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की संभावना है।
इस कार्रवाई के बाद बरहज समेत पूरे जनपद में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। खास बात यह है कि वर्तमान में उनकी बहू स्वेता जायसवाल नगर पालिका गौरा बरहज की अध्यक्ष हैं, ऐसे में इस जांच के दूरगामी राजनीतिक असर भी देखने को मिल सकते हैं।
फिलहाल, विजिलेंस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर स्थानीय प्रशासन और राजनीति में पारदर्शिता को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
