Varanasi Lok Sabha Election/Chunav Result 2024: लोकसभा चुनाव 2024 में वाराणसी लोकसभा सीट से लगातार तीसरी बार नरेंद्र मोदी सांसद बने हैं। लेकिन, इस बार उनकी जीत का अंतर काफी कम रह गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुकाबला एक बार फिर कांग्रेस के अजय राय से ही था। इस बार उन्होंने मोदी की जीत का अंतर करीब डेढ़ लाख पर समेट दिया।
वाराणसी में नोटा में पड़े 8478 वोट के अलावा कुल 11,21,665 मत पड़े थे। इनमें से नरेंद्र मोदी को कुल 612970 वोट मिले और वह 152513 मतों के अंतर से जीत हासिल कर सके। उनके नजदीकी प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के अजय राय 460457 वोट हासिल करने में कामयाब रहे। तीसरे नंबर पर बसपा उम्मीदवार अतहर जमाल रहे, जिन्हें 33766 वोट मिले।
2019 में नरेंद्र मोदी को 6,74,664 वोट मिले थे। सपा की शालिनी यादव को करीब दो लाख और कांग्रेस के अजय राय को करीब डेढ़ लाख वोट मिले थे। अन्य उम्मीदवारों को करीब 35 हजार वोट मिले थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करीब 4.80 लाख वोटों के अंतर से जीते थे।
बीजेपी ने प्रधानमंत्री की जीत का मार्जिन बढ़ाने की काफी कोशिश की थी, लेकिन उसका प्लान फेल हो गया।
वाराणसी में पीएम मोदी के मुक़ाबले कांग्रेस के अजय राय और बसपा के अतहर जमाल लारी खड़े हैं। इसके अलावा अपना दल (के) के गगन प्रकाश यादव और युग तुलसी पार्टी के कोलीशेट्टी शिव कुमार भी वाराणसी से चुनाव मैदान में हैं। दो निर्दलीय प्रत्याशी दिनेश यादव और संजय कुमार तिवारी भी पीएम मोदी के खिलाफ खड़े हैं।
भारतीय जनता पार्टी ने वाराणसी के रण में अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। इस महत्वपूर्ण लोकसभा सीट के लिए कई दिग्गज भाजपा नेताओं ने बार-बार शहर का दौरा किया था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूरी चुनावी प्रक्रिया का संचालन किया था। वहीं, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा भी वाराणसी में लगातार आ-जा रहे थे। महिला एवं बाल विकास के लिए कैबिनेट मंत्री स्मृति ईरानी भी शहर पहुंची थी।
लोकसभा चुनाव 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को करीब 64 फीसदी वोट मिले थे। सपा को 18 और कांग्रेस को 14 प्रतिशत मत मिले थे। इस बार सपा और कांग्रेस साथ हैं। ऐसे में दोनों पक्ष अपनी-अपनी ओर से पूरी ताकत लगाए हुए हैं।
पिछले दो चुनावों में पीएम मोदी ने वाराणसी सीट से बड़े अंतर से जीत हासिल की थी। जब 2014 में नरेंद्र मोदी ने पहली बार वाराणसी से चुनाव लड़ा था और प्रधानमंत्री बने, तब उन्होंने आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल को 3.72 लाख वोट से हराया था।
न्यूयॉर्क टाइम्स ने नतीजों को प्रधानमंत्री मोदी के 10 साल के कार्यकाल पर रेफरेंडम बताया है। टाइम्स के मुताबिक, ‘काफी हद तक नरेंद्र मोदी को तीसरा टर्म मिलेगा। भारत में नए बने विपक्षी गठबंधन ने मोदी की बंटवारे की राजनीति के खिलाफ वोट मांगा था। विपक्ष ने लोगों के मन में ये डर भरा था कि अगर BJP सत्ता में आई तो संविधान बदल देगी।’
