लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में प्रदेश की आठ सीटों के लिए गुरुवार को अधिसूचना जारी होते ही नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की इन आठ सीटों में अमरोहा मेरठ बागपत गाजियाबाद गौतम बुद्ध नगर बुलंदशहर (अनुसूचित जाति) अलीगढ़ और मथुरा शामिल हैं। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में अमरोहा को छोड़कर बाकी सात सीटें भाजपा ने जीती थीं।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में प्रदेश की आठ सीटों के लिए गुरुवार को अधिसूचना जारी होते ही नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की इन आठ सीटों में अमरोहा, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर (अनुसूचित जाति), अलीगढ़ और मथुरा शामिल हैं।
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में अमरोहा को छोड़कर बाकी सात सीटें भाजपा ने जीती थीं। अमरोहा सीट पर बसपा ने बाजी मारी थी। इस आठ सीटों के लिए नामांकन की आखिरी तारीख चार अप्रैल है।
नामांकन की अवधि सुबह 11 से दोपहर तीन बजे तक है। नामांकन पत्रों की जांच पांच मार्च व नाम वापस लेने की अंतिम तारीख पांच अप्रैल है। इन सीटों पर मतदान 26 अप्रैल को होगा।
अमरोहा में अब कांग्रेस के टिकट पर ताल ठोक रहे दानिश
अमरोहा सीट पर बसपा प्रत्याशी के रूप में पिछले चुनाव में विजयी हुए दानिश अली इस बार कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर मैदान में हैं। भाजपा ने इस सीट से अपने पुराने प्रत्याशी कंवर सिंह तंवर पर भरोसा जताया है। बसपा ने मुजाहिद हुसैन को प्रत्याशी बनाया है। मेरठ सीट पर भी दिलचस्प मुकाबले के आसार हैं।
भाजपा ने यहां से टेलीविजन धारावाहिक रामायण में प्रभु श्रीराम का किरदार निभाने वाले अभिनेता अरुण गोविल को प्रत्याशी बनाया है। सपा ने उनसे चुनावी मुकाबले के लिए सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता भानु प्रताप सिंह को मैदान में उतारा है तो बसपा ने देवव्रत त्यागी को।
बागपत सीट भाजपा ने रालोद के लिए छोड़ी है। रालोद ने यहां राजकुमार सांगवान को मैदान में उतारा है जो पार्टी के राष्ट्रीय सचिव हैं। वर्ष 1977 के बाद पहली बार यहां चौधरी परिवार के बाहर किसी व्यक्ति को पार्टी ने टिकट दिया है। सपा ने बागपत से अपने लोकसभा प्रभारी और पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी को मैदान में उतारा है तो बसपा ने पेशे से अधिवक्ता प्रवीण बैंसला को टिकट थमाया है।
गाजियाबाद सीट पर फेरबदल करते हुए भाजपा ने अपने मौजूदा सांसद व केंद्रीय राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह की जगह गाजियाबाद के विधायक और योगी सरकार के पहले कार्यकाल में राज्य मंत्री रहे अतुल गर्ग को मैदान में उतारा है। आईएनडीआईए गठबंधन के तहत यह सीट कांग्रेस के हिस्से में गई है, जिसने डाली शर्मा को प्रत्याशी घोषित किया है। बसपा ने अभी यहां पत्ता नहीं खोला है।
गौतम बुद्ध नगर सीट पर भाजपा प्रत्याशी के तौर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा हैट्रिक लगाने के लिए उतरे हैं तो उनकी राह रोकने के लिए सपा ने राहुल अवाना और बसपा ने पूर्व विधायक राजेन्द्र सिंह सोलंकी को उम्मीदवार बनाया है। बुलंदशहर सीट पर भी रोचक मुकाबला होगा। यहां दो सिटिंग सांसद आमने-सामने हैं।
भाजपा सांसद भोला सिंह लगातार तीसरी जीत दर्ज कराने के इरादे से मैदान में हैं तो बसपा ने पिछले लोकसभा चुनाव में नगीना सीट से चुनाव जीतने वाले सांसद गिरीश चंद्र जाटव को उनसे मुकाबले के लिए मैदान में उतारा है। अलीगढ़ सीट पर भाजपा सांसद सतीश गौतम अपना दबदबा बरकरार रखने के लिए मैदान में हैं, जबकि सपा प्रत्याशी के तौर पर पूर्व सांसद चौधरी बिजेन्द्र सिंह उनसे मुकाबिल होंगे। मथुरा से वर्तमान सांसद हेमा मालिनी भी हैट्रिक लगाने की तैयारी कर रही हैं तो बसपा ने उनके सामने कमलकांत उपमन्यु को प्रत्याशी बनाया है।

