देवरिया।देश की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की जयंती के अवसर पर भाटपार रानी तहसील क्षेत्र के भोपतपुरा गांव निवासी कवि, शायर, पत्रकार व सामाजिक चिंतक मक़सूद अहमद भोपतपुरी ने जारी बयान में कहा कि सावित्रीबाई फुले और शेख फातिमा ने मिलकर देश में तालीम की शम्मां जलाई थी।
उन्होंने बताया कि सावित्रीबाई फुले का जन्म 3 जनवरी 1831 तथा शेख फातिमा का जन्म 9 जनवरी 1831 को हुआ था। दोनों एक-दूसरे की अभिन्न सहयोगी थीं। सावित्रीबाई फुले देश की प्रथम महिला शिक्षिका और मराठी भाषा की कवयित्री थीं, जबकि शेख फातिमा मुस्लिम समाज की पहली महिला शिक्षिका थीं।
मक़सूद ने कहा कि 5 सितंबर 1848 को पुणे में बालिकाओं के लिए पहला विद्यालय स्थापित किया गया, जिसके लिए शेख उस्मान और शेख फातिमा ने भूमि दान दी। कठिनाइयों और अपमान के बावजूद सावित्रीबाई फुले ने नारी शिक्षा का अभियान जारी रखा। उन्होंने कहा कि इन दोनों महान महिलाओं का योगदान अविस्मरणीय है।
