बीजेपी को 2024-25 ;
सुप्रीम कोर्ट ने फ़रवरी 2024 में इलेक्टोरल बॉन्ड योजना को ख़त्म कर दिया था.
इसके बाद वित्तीय वर्ष 2024-25 में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को क़रीब छह हज़ार करोड़ रुपये चंदे में मिले हैं.
इस छह हज़ार करोड़ रुपये के चंदे में बीजेपी को तीन हज़ार छह सौ 89 करोड़ रुपये इलेक्टोरल ट्रस्ट से मिले. यह कुल रकम का क़रीब 62 फ़ीसदी है.
भारत में कंपनी एक्ट के तहत रजिस्टर कोई भी कंपनी एक इलेक्टोरल ट्रस्ट बना सकती है.
भारत का कोई भी नागरिक, भारत में रजिस्टर कंपनी, कोई फ़र्म, हिंदू अविभाजित परिवार या भारत में रहने वाले लोगों का समूह इन इलेक्टोरल ट्रस्ट को चंदा दे सकते हैं.
बाद में इलेक्टोरल ट्रस्ट ये पैसा राजनीतिक दलों को देते हैं.
इसके अलावा, इलेक्टोरल ट्रस्ट को चंदा देने के बजाय कोई भी नागरिक व्यक्तिगत रूप से सीधे किसी भी राजनीतिक दल को चंदा दे सकता है.
अगर ये चंदा 20 हज़ार रुपये से ज़्यादा है, तो राजनीतिक दलों को इसकी जानकारी चुनाव आयोग को हर साल देनी होती है.
