बोर्ड परीक्षा की पढ़ाई के साथ CUET की तैयारी कैसे करें?

बोर्ड परीक्षा की पढ़ाई के साथ CUET की तैयारी कैसे करें?
Spread the love

बोर्ड परीक्षा की पढ़ाई के साथ CUET की तैयारी

कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट यानी CUET के रजिस्ट्रेशन फॉर्म जारी हो गए हैं. इनके जारी होते ही उन स्टूडेंट्स का काम बढ़ गया है, जो इन दिनों 12वीं की बोर्ड परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए थे.

एक तरफ़ बोर्ड परीक्षा की तैयारी करनी है, दूसरी तरफ़ सीयूईटी का भी ख़्याल रखना है, ऐसे में क्या पढ़ें, कैसे पढ़ें और किसे ज़्यादा प्राथमिकता दें, ऐसे सवाल परेशान कर सकते हैं. क्योंकि बोर्ड परीक्षा के बाद जो स्टूडेंट्स को आगे ले जाएगा, वो है सीयूईटी.

दिल्ली में रहने वालीं लीना फिलहाल प्री बोर्ड परीक्षा दे रही हैं, बोर्ड की परीक्षा की तैयारी कर रही हैं और साथ ही सीयूईटी भी उनकी तैयारियों का हिस्सा है.

अब सवाल ये कि सीयूईटी है क्या, इसका पैटर्न कैसा होता है और इसकी तैयारी में लगे स्टूडेंट किस रणनीति के साथ अच्छा स्कोर कर सकते हैं?

करियर कनेक्ट सिरीज़ की इस कड़ी में ऐसे लाखों स्टूडेंट्स की कुछ उलझनों को समझेंगे और एक्सपर्ट से जानेंगे कि इस परीक्षा के लिए सही रणनीति क्या हो सकती है.

कॉलेज तक ले जाने की राह है सीयूईटी

कॉलेज तक ले जाने की राह है सीयूईटी
कॉलेज तक ले जाने की राह है सीयूईटी

देश भर के अलग-अलग केंद्रीय विश्वविद्यालयों, राज्य की, प्राइवेट और डीम्ड यूनिवर्सिटी में अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम में दाख़िले के लिए जो एंट्रेंस टेस्ट होता है, उसे सीयूईटी कहते हैं. इसे हर साल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) आयोजित करती है.

देश की 48 सेंट्रल यूनिवर्सिटी, 36 स्टेट यूनिवर्सिटी, 26 डीम्ड यूनिवर्सिटी और 113 प्राइवेट यूनिवर्सिटी इसका हिस्सा हैं.

इन 223 विश्वविद्यालयों के अलावा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ एग्रीकल्चरल रिसर्च, नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज़ यूनिवर्सिटी, राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ़ पेट्रोलियम टेक्नोलॉजी जैसे सात सरकारी इंस्टीट्यूट भी इसी स्कोर के ज़रिए अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट कोर्स में दाख़िला देते हैं.

बाद में इलेक्टोरल ट्रस्ट ये पैसा राजनीतिक दलों को देते हैं. इसके अलावा, इलेक्टोरल ट्रस्ट को चंदा देने के बजाय कोई भी नागरिक व्यक्तिगत रूप से सीधे किसी भी राजनीतिक दल को चंदा दे सकता है. अगर ये चंदा 20 हज़ार रुपये से ज़्यादा है, तो राजनीतिक दलों को इसकी जानकारी चुनाव आयोग को हर साल देनी होती है. Previous post बीजेपी को 2024-25 में किन लोगों ने व्यक्तिगत तौर पर सबसे ज़्यादा चंदा दिया?
सत्ता का केंद्रीकरण कर रहे बीजेपी और RSS' Next post सत्ता का केंद्रीकरण कर रहे बीजेपी और RSS’, राहुल गांधी ने साधा निशाना, जानिए और क्या बोले?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *