नई दिल्ली:
Rain in Delhi NCR: दिल्ली एनसीआर में मौसम ने आज फिर अंगड़ाई ली. रात से आसमान में छाए बादलों के बीच सुबह जो बारिश का दौर शुरू हुआ वो दोपहर तक जारी रहा. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में नोएडा, गाजियाबाद से लेकर मेरठ तक कुछ इलाकों में बढ़िया बारिश हुई. हरियाणा और राजस्थान के कई इलाकों में तो ओले गिरे हैं. वहीं बिजली कड़कड़ाने और बादल गरजने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं ने सबको कंपकंपा दिया. भारत मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, हिमालय क्षेत्र में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो चुका है. इस कारण पहाड़ों पर बारिश और बर्फबारी वहीं मैदानी इलाकों में बारिश पड़ रही है. उत्तर पश्चिम भारत यानी पंजाब, हरियाणा, राजस्थान आदि राज्यों में बिजली गिरने, तेज हवाएं के साथ बारिश हो रही है. वहीं उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी भी होगी. मनाली, शिमला और लाहुल स्पीति में हिमपात हो रहा है. कश्मीर में भी श्रीनगर, अनंतनाग और पुलवामा जिलों में ताजा बर्फबारी हुई है. उत्तराखंड में भी यही मौसम है.
23 जनवरी को बारिश हुई थी
वेस्ट यूपी में नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ के साथ दिल्ली में इससे पहले 23 जनवरी को बारिश देखने को मिली थी. इस कारण तापमान औंधे मुंह गिरा था. 22 जनवरी को न्यूनतम तापमान 13-14 डिग्री और अधिकतम तापमान 25.5 डिग्री तक पहुंच गया था. लेकिन 23 जनवरी को बारिश के बाद न्यूनतम तापमान 5-6 डिग्री पर आ गया था. जबकि अधिकतम तापमान 18-19 डिग्री पर आ गया है.
पारा गिरने से शीत लहर बढ़ी
शीत लहर के कारण दिल्ली में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री और अधिकतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है. 28 जनवरी से 1 फरवरी तक आसमान में बादल छाए रहने का अनुमान है. हल्के से मध्यम स्तर का कोहरा सुबह के वक्त देखने को मिलेगा. हालांकि 27 जनवरी के बाद बरसात मैदानी इलाकों में होने के संकेत नहीं है.

उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी का अनुमान
मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी दी है कि भारी पश्चिमी विक्षोभ के कारण 26 से 28 जनवरी के वक्त हिमालय क्षेत्र में कई जगहों पर हल्की या मध्यम दर्जे की बारिश होगी. जबकि 27 जनवरी को ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बारिश और बर्फबारी के साथ ओलावृष्टि का अनुमान सही साबित हुआ. 27 जनवरी को उत्तर पश्चिम भारत के मैदानी इलाके में कुछ जगह पर हल्की या मध्यम बारिश, कुछ जगहों पर बादलों की गर्जना, बिजली गिरने और ओले गिरने का अलर्ट था. इसी वजह से मैदानी इलाकों में मौसम बदला.
