देवरिया। बैतालपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत विशुनपुर मुरार में विकास कार्यों में अनियमितता और कथित गबन के आरोपों ने प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायतकर्ताओं रामजी यादव, संतोष प्रसाद और हरिकेश यादव ने नोटरी शपथ-पत्र के साथ विस्तृत आरोप सौंपे, जिसके बाद जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने जांच के आदेश तो जारी कर दिए, लेकिन स्थानीय स्तर पर अब तक पारदर्शिता नहीं दिखी।
आरोप है कि पंचायत में मनरेगा व अन्य मदों के कार्यों में वित्तीय गड़बड़ी हुई, मगर जिम्मेदार अधिकारियों ने समय रहते निगरानी नहीं की। सवाल उठ रहा है कि यदि सब कुछ ठीक था तो जांच की नौबत क्यों आई?
जांच अधिकारियों को 15 दिन में फोटोग्राफ, तकनीकी मूल्यांकन और स्पष्ट आख्या देने के निर्देश हैं, पर ग्रामीणों को आशंका है कि मामला फाइलों में ही न सिमट जाए। पूरे देवरिया में चर्चा है कि क्या दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी या फिर प्रशासनिक चुप्पी हावी रहेगी।
