क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी ने साधी चुप्पी, बोलने से किया इंकार
देवरिया। जनपद के नगर पंचायत तरकुलवा क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और एनजीटी के मानकों को दरकिनार कर अवैध ईंट भट्ठों का संचालन धड़ल्ले से जारी है। हैरानी की बात यह है कि क्षेत्रीय प्रदूषण कार्यालय गोरखपुर के मिली भगत के कारण ऐसे ईंट भटठों के विरुद्ध कार्रवाई करने के बजाय अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
नगर पंचायत तरकुलवा के अंतर्गत शिवम् ईंट उद्योग के नाम से संचालित भट्ठा बिना आवश्यक अनुमति और मानकों के संचालित होने का आरोप है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भट्ठे से निकलने वाले धुएं से प्रदूषण बढ़ रहा है, जिससे आसपास के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सूत्रों की मानें तो पहले प्रदूषण नियंत्रण के नाम पर लगभग 15 हजार रुपये वार्षिक शुल्क लिया जाता था, जिसे बढ़ाकर 45 हजार रुपये कर दिया गया है। शुल्क बढ़ने के बाद भी अवैध भट्ठों पर रोक नहीं लग सकी है। ऐसे में “माया मिली न राम, खाली हाथ रहे तमाम” वाली कहावत यहां चरितार्थ होती नजर आ रही है। आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी अवैध भट्ठों से सांठगांठ कर दोहरी कमाई में लगे हैं, जिससे सरकारी राजस्व को नुकसान हो रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब एनजीटी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के स्पष्ट मानक हैं, तो फिर आबादी के बीच ऐसे भट्ठों का संचालन कैसे हो रहा है। इस संबंध में भट्ठा संचालक का कहना है कि जनपद में अन्य भट्ठे जिस प्रकार संचालित हो रहे हैं, उसी व्यवस्था के तहत उनका भट्ठा भी चल रहा है।
वहीं क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी गोरखपुर से जब इस संबंध में कार्रवाई के बारे में पूछा गया तो उन्होंने चुप्पी साध ली।
फिलहाल तरकुलवा क्षेत्र में धुएं के गुबार के बीच यह सवाल गूंज रहा है कि आखिर नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले इन अवैध भट्ठों पर जिम्मेदार अधिकारी कब कार्रवाई करेंगे यह भविष्य के गर्त में है।
