सामाजिक जागृति के अग्रदूत थे राजित बाबू: चंद्रभूषण 

Spread the love

देवरिया। रामपुर कारखाना विधानसभा क्षेत्र के डुमरी स्थित सपा जनसंपर्क कार्यालय पर गुरुवार को यादव गांधी एवं संपादक के नाम से प्रसिद्ध चौधरी राजित यादव की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर वक्ताओं ने उनके सामाजिक योगदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया।
यादव ने कहा कि राजित बाबू का जन्म 15 अप्रैल 1897 को जनपद के नरसिंह डांड में हुआ था। उन्होंने शिक्षा प्राप्त कर समाज में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से यादव नामक पत्रिका का संपादन किया। उन्होंने बताया कि राजित बाबू ने वर्ष 1910 में अहीर समुदाय द्वारा प्रचलित विभिन्न उपनामों को समाप्त कर यादव सरनेम अपनाने की मुहिम को सफल बनाया।
उन्होंने आगे कहा कि वर्ष 1920 में गोरखपुर से प्रकाशित यादव पत्रिका पर जब अंग्रेजी हुकूमत ने दबाव बनाया, तब राजित बाबू ने इसे वाराणसी से प्रकाशित करना जारी रखा। वे जीवनभर सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने और पिछड़े समाज को जागरूक करने के लिए संघर्षरत रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने राजित यादव के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

Previous post व्यक्ति नहीं विचार थे अंबेडकर
Next post महिला आरक्षण से बदलेगी राजनीति की तस्वीर: रजनी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *