दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी का विरोध कर रहे आम आदमी पार्टी के कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। AAP कार्यकर्ता पीएम आवास का घेराव करने निकले थे। पुलिस ने पीएम आवास के आसपास धारा 144 लागू की है।
इधर, भाजपा कार्यकर्ता केजरीवाल के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। दिल्ली सचिवालय की तरफ जा रहे कार्यकर्ताओं ने पुलिस बैरिकैडिंग तोड़ दी। उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेव समेत कई भाजपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने डिटेन कर लिया।
शराब नीति घोटाला मामले में केजरीवाल को 21 मार्च को उनके आवास से गिरफ्तार किया गया था। वे 28 मार्च तक ED की हिरासत में हैं। केजरीवाल ED कस्टडी से सरकार चला रहे हैं। मंगलवार को उन्होंने दूसरा सरकारी आदेश जारी किया। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्रालय को निर्देश दिए कि मोहल्ला क्लिनिक में गरीबों के लिए दवाओं की कमी नहीं होनी चाहिए। लोगों को मुफ्त जांच और दवाई मुहैया कराई जाए।
केजरीवाल ने 24 मार्च को जल मंत्रालय के नाम पहला सरकारी आदेश जारी किया था। उन्होंने जल मंत्री आतिशी को निर्देश दिया था कि दिल्ली में जहां पानी की कमी है, वहां टैंकरों का इंतजाम करें। उन्होंने कोर्ट में पेशी के समय कहा था कि वे इस्तीफा नहीं देंगे, जरूरत पड़ी तो जेल से सरकार चलाएंगे।
जर्मनी के बाद अब अमेरिका ने भी अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के मुद्दे पर बयान दिया है। अमेरिका के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा, ‘हमारी सरकार केजरीवाल की गिरफ्तारी के मामले पर नजर बनाए हुए है। हम उम्मीद करते हैं कि इस मामले में कानूनी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी होगी। इस दौरान कानून और लोकतंत्र के मूल्यों का पालन किया जाएगा।’
ED कस्टडी से केजरीवाल सरकारी आदेश कैसे दे रहे हैं, इसे लेकर ED जांच कर रही है। ED सूत्रों का कहना है कि उनके पास न ही कोई पेपर मिला और न ही कोई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जैसे कंप्यूटर या फोन, तो फिर उन्होंने कैसे कोई ऑर्डर पास कर दिया? ये जांच का विषय है। ED के सीनियर अफसरों की टीम जल्द ही रिपोर्ट तैयार करेगी।
ED इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या मुख्यमंत्री के सहयोगियों और कर्मचारियों के मोबाइल फोन फॉर्मेट किए गए थे या पॉलिसी खत्म होने के तुरंत बाद गायब कर दिए गए थे। मतलब उनके फोन कब और क्यों फॉर्मेट किए गए, इसकी भी जांच हो रही है।
सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट विनीत जिंदल का कहना है कि अरविंद केजरीवाल अभी ज्यूडिशल कस्टडी में नहीं, बल्कि इन्वेस्टिगेशन के लिए वो ED रिमांड में हैं। ऐसे में अगर उन्होंने किसी तरह का ऑर्डर पास किया है तो वो कानूनन गलत है, इसे लेकर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
पुलिस की हिरासत में लिए जाने से पहले भाजपा दिल्ली अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेव ने कहा कि हम केजरीवाल का इस्तीफा लेकर रहेंगे। आज जिस कार्यकर्ता ने पुलिस की बैरिकैडिंग नहीं तोड़ी, वो ये समझ ले कि यज्ञ में उसने आहूति नहीं दी।
भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेव ने कहा कि दिल्ली सीएम कट्टर बेईमान हैं और उन्होंने दिल्ली के लोगों को लूटा है। हम उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। जैसे आम आदमी पार्टी का चरित्र फर्जी है, वैसे ही कस्टडी से दिए जा रहे निर्देश भी फर्जी हैं।
आप नेता गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली के लोगों को यह समझ नहीं आ रहा है कि एक ही आरोप में केजरीवाल को जेल और शरद रेड्डी को बेल कैसे मिल गई। ये कैसा खेल चल रहा है। सरकार की तानाशाही के खिलाफ हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा।
पीएम आवास तक आम आदमी पार्टी के पैदल मार्च को लेकर पुलिस ने दिल्ली में सुरक्षा बढ़ा दी है। पुलिस ने बताया कि हमने इस प्रदर्शन के लिए इजाजत नहीं दी है। पुलिस ने कहा कि पीएम आवास के आसपास धारा 144 लगा दी गई है। यहां किसी को प्रदर्शन नहीं करने दिया जाएगा।
केजरीवाल अब तक ED कस्टडी से दो सरकारी आदेश जारी कर चुके हैं। जल मंत्री आतिशी ने 24 मार्च को उनके पहले आदेश के बारे में बताया था। केजरीवाल ने इस आदेश में कहा कि दिल्ली में जहा पानी की कमी है, वहां टैंकरों से आपूर्ति की जाए।
इसके बाद ED ने मामले का संज्ञान लिया। एजेंसी जांच कर रही है कि कोर्ट के आदेश के तहत क्या किसी मुख्यमंत्री को ये अधिकार है कि वह कस्टडी से आदेश जारी करे।
वहीं, एक वकील विनीत जिंदल ने अरविंद केजरीवाल के ऑर्डर पर दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना को लेटर लिखा है। इसमें लिखा है कि केजरीवाल को ED ने गिरफ्तार किया है। अगर कोई सरकारी आदमी रिमांड में है तो उसे बिना कोर्ट के ऑर्डर के बाहरी दुनिया के साथ बातचीत की इजाजत नहीं होती। केजरीवाल के मामले में केवल उनकी पत्नी और उनके कानूनी सलाहकार को ही उनसे मिलने की इजाजत है। कोर्ट ने केजरीवाल को किसी भी तरह के ऑर्डर को जारी करने की परमिशन नहीं दी है।
अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद AAP ने एक सोशल मीडिया कैंपेन शुरू किया है। मैं भी केजरीवाल नाम के इस कैंपेन में पार्टी नेताओं ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर केजरीवाल का डिस्प्ले पिक्चर लगाया है। इस तस्वीर में केजरीवाल जेल के अंदर नजर आ रहे हैं और ऊपर लिखा है- मोदी का सबसे बड़ा डर- केजरीवाल।
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