नई दिल्ली. भारत और यूरोप के बीच मुक्त व्यापार समझौते का ऐलान होते ही पाकिस्तान के सीने पर सांप लोटने लगा. अभी डील पर मुहर भी नहीं लगी कि पड़ोसी भागकर यूरोप पहुंच गए. पाकिस्तान के विदेश विभाग ने खुद बताया है कि वह भारत और ईयू की डील से उसके निर्यात पर पड़ने वाले असर को लेकर बातचीत करने के लिए यूरोप के संपर्क में है. आखिर पाकिस्तान को इस डील से क्या नुकसान हो सकता है और उसका यूरोपीय यूनियन के साथ कितना कारोबार होता है. इसकी पूरी जानकारी आपको देते हैं.
सबसे पहले यह जानते हैं कि पाकिस्तान ने इस डील को लेकर क्या कहा है. पाकिस्तान विदेश विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते के कारण पाकिस्तान अपने निर्यात पर पड़ने वाले प्रभावों से निपटने के लिए यूरोपीय अधिकारियों से लगातार संपर्क में है. पाकिस्तानी विदेश विभाग के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि वे इस समझौते और उसके विवरण से अच्छी तरह अवगत हैं. व्यापारिक समुदाय में यह चिंता जताई जा रही है कि यह समझौता पाकिस्तान के निर्यात को प्रभावित कर सकता है, खासकर यूरोपीय बाजार में प्रतिस्पर्धा के मामले में.
क्यों है पाकिस्तान को चिंता
भारत और यूरोपीय संघ ने मंगलवार को इस समझौते पर बातचीत पूरी होने की घोषणा की. इस समझौते को इसी साल हस्ताक्षरित और लागू किया जाएगा. इस समझौते के तहत भारत को यूरोपीय बाजार में शुल्क रहित प्रवेश मिलता है, जो उसकी प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति मजबूत कर सकता है. अंद्राबी ने कहा है कि पाकिस्तान यूरोपीय संघ के साथ लंबे समय से मित्रता और सहयोग को बनाए रखने के लिए प्रयास कर रहा है. इसके लिए दोनों पक्ष व्यापार, निवेश और अन्य हितों पर बातचीत और सहयोग जारी रख रहे हैं. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान यूरोपीय बाजार में अपने लाभ और निर्यात को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा.
भारत और यूरोपीय संघ ने मंगलवार को इस समझौते पर बातचीत पूरी होने की घोषणा की. इस समझौते को इसी साल हस्ताक्षरित और लागू किया जाएगा. इस समझौते के तहत भारत को यूरोपीय बाजार में शुल्क रहित प्रवेश मिलता है, जो उसकी प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति मजबूत कर सकता है. अंद्राबी ने कहा है कि पाकिस्तान यूरोपीय संघ के साथ लंबे समय से मित्रता और सहयोग को बनाए रखने के लिए प्रयास कर रहा है. इसके लिए दोनों पक्ष व्यापार, निवेश और अन्य हितों पर बातचीत और सहयोग जारी रख रहे हैं. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान यूरोपीय बाजार में अपने लाभ और निर्यात को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा.
